एम्स बिलासपुर में आयोजित जटिल सर्जरी की वर्कशॉप में मौजूद अधिकारी। स्रोत: एम्स प्रबंधन
संस्थान के यूरोलॉजी विभाग की ओर से हुई थी कार्यशाला
प्रोस्टेट, किडनी स्टोन और मूत्र रोग के मरीजों को किया स्वस्थ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के यूरोलॉजी विभाग ने कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह के मार्गदर्शन में नॉर्थ जोन यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में एक विशेष एनजेडयूएसआई केयर्स प्रोग्राम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अगुवाई यूरोलॉजी विभाग के डॉ. उमाकांत दत्त ने की। इस दौरान उत्तर भारत के जाने-माने विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 14 जटिल सर्जरी को सफलता से पूरा किया। राहत की बात यह है कि सभी मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इस वर्कशॉप में नॉर्थ जोन यूरोलॉजिस्ट सोसाइटी काउंसिल के दिग्गज अधिकारियों ने शिरकत की। इनमें नॉर्थ जोन यूरोलॉजिस्ट सोसाइटी काउंसिल के डॉ. कमलजीत सिंह, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. एके सनवाल, डॉ. समीर त्रिवेदी, और डॉ. उमेश शर्मा शामिल थे। इन विशेषज्ञों ने ऑपरेशन थिएटर में घंटों पसीना बहाकर प्रोस्टेट, किडनी स्टोन और मूत्र रोग से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों के जटिल ऑपरेशन किए। इस दौरान ओलिंपस और हेल्थकेयर जैसी कंपनियों ने अपने आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिससे सर्जरी की सटीकता और गुणवत्ता को बढ़ावा मिला। सर्जरी वर्कशॉप के समापन के बाद अंडर नॉर्थ जोन केयर प्रोग्राम के तहत विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में टीम ने एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस कैंप में दूर-दराज से आए मरीजों की जांच की गई और उन्हें विशेषज्ञों द्वारा उचित परामर्श दिया गया। इसके पश्चात बाहरी राज्यों से आए डॉक्टरों ने माता के दरबार में शीश नवाया। बताते चलें कि एम्स बिलासपुर लगातार नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहा है। वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों और स्टाफ को आधुनिक उपकरणों के साथ तालमेल बिठाने और जटिल मामलों को सुलझाने के लिए प्रशिक्षित करना था। संस्थान के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) और प्रबंधन की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्रीय मरीजों के लिए उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के द्वार खोल दिए हैं।