बिलासपुर। जिले में लंपी रोग का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक बिलासपुर में लंपी रोग से कुल 2,465 पशु संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 238 स्वस्थ हुए हैं और वर्तमान में जिले में 2,157 सक्रिय मामले हैं। शनिवार को दो और पशुओं की मौत इस रोग के कारण हुई है। इसके साथ ही मृत पशुओं का आंकड़ा 70 पहुंच गया है।
इस बीमारी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पशुपालन विभाग ने नोडल अधिकारी की नियुक्ति की है। नोडल अधिकारी संजीव कालिया ने बताया कि लंपी रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। बताया कि विभाग के चिकित्सक घर-द्वार जाकर पशुओं का इलाज कर रहे हैं। दिन में तीन बार संक्रमित पशुओं को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिले में कई जगहों में पशु चिकित्सक घर जाकर पशुओं का इलाज करने के लिए 400 से 500 रुपये तक फीस वसूल रहे हैं।
वहीं सदर विस क्षेत्र के एक युवक ने पशु उप निदेशक को इसकी शिकायत भी दी थी। इसके बाद चिकित्सक ने पशु का निशुल्क इलाज किया।
नोडल अधिकारी संजीव कालिया ने बताया कि विभाग ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि लंपी रोग से ग्रसित पशुओं का निशुल्क इलाज होगा। कोई भी चिकित्सक पशु पालक से इसकी कोई फीस नहीं लेगा। अगर को चिकित्सक ऐसे करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा कि विभाग ने 18,300 लंपी रोग के इंजेक्शन पशुओं को लगाए हैं।