प्रदेश में 3,835 लाभार्थियों के खातों में डाले गए 14.17 करोड़
जिले में भी 31 लाभार्थियों को उनके बच्चों की शादी के लिए दी राशि
इंटक ने जताया आभार,2027 में कांग्रेस सरकार दोहराने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से प्रदेश के 3,835 लाभार्थियों के बचत खातों में विभिन्न योजनाओं के तहत 14.17 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी किए जाने पर भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) ने खुशी व्यक्त की है। इंटक का कहना है कि इस निर्णय से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद मजदूरों को बड़ी राहत मिली है और उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है।
श्रम कल्याण बोर्ड ने बिलासपुर में भी 31 लाभार्थियों को उनके बच्चों की शादी के लिए 16 लाख 32 हजार रुपये की सहायता प्रदान की। इसके अतिरिक्त लगभग 500 लाभार्थियों के बच्चों को शिक्षा छात्रवृत्ति के रूप में 95 लाख 50 हजार 200 रुपये की राशि दी गई है। वहीं दो कामगारों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 8 लाख 40 हजार रुपये की मुआवजा राशि उनके खातों में डाली गई है। इंटक से संबद्ध हिमाचल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एंड मनरेगा मजदूर यूनियन ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन नरदेव कंवर का आभार प्रकट किया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर गरीब मजदूर वर्ग के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
इंटक सचिव प्रेम लाल भाटिया ने कहा कि इंटक कांग्रेस पार्टी का प्रमुख अग्रणी संगठन है और तन-मन-धन से कांग्रेस पार्टी की नीतियों के समर्थन में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इंटक गांव-गांव जाकर कांग्रेस पार्टी की विचारधारा का प्रचार करती है तथा प्रत्येक पंचायत में जागरूकता शिविर लगाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मजदूरों और आम जनता तक पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ठाकुर और उनके मंत्रिमंडल की दूरदर्शी सोच व परिश्रम का सकारात्मक परिणाम भविष्य में अवश्य देखने को मिलेगा। कर्मचारियों को ओपीएस बहाल करना, निर्माण मजदूरों के बचत खातों में विभिन्न सुविधाओं के तहत करोड़ों रुपये की सहायता राशि डालना, किसानों के लिए दूध के दाम बढ़ाना, दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित करना तथा महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता देना जैसे फैसले कांग्रेस सरकार के ऐतिहासिक और जनहितैषी कदम हैं। दावा किया कि प्रदेश के मजदूर, कर्मचारी, किसान और महिलाएं कांग्रेस सरकार की नीतियों से संतुष्ट हैं और इसी का परिणाम होगा कि वर्ष 2027 में हिमाचल प्रदेश में दोबारा कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी।