फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: गोचर जंगल में खैर माफिया का दुस्साहस, वन कर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश

Fri, 09 Jan 2026 06:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
झंडूता क्षेत्र के गोचर जंगल में खैर कटान। स्रोत: जागरूक पाठक
विज्ञापन
झंडूता क्षेत्र की वन बीट घंडीर में एक सप्ताह में दूसरी बड़ी वारदात
विज्ञापन

वन विभाग के कर्मचारियों को चकमा देकर खैर की दो गाड़ियों के साथ हुए फरार
कर्मचारी रात की गश्त के दौरान खैर की लकड़ी से भरी गाड़ियों का कर रहे थे पीछा
शाहतलाई-दियोटसिद्ध तक पीछे दौड़ाई गाड़ियां, थाना तलाई में मामला दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता क्षेत्र की वन बीट घंडीर के गोचर जंगल में खैर के अवैध कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक सप्ताह पहले सामने आए बड़े मामले के बाद अब वीरवार रात को खैर माफिया ने एक बार फिर वन विभाग को खुली चुनौती दी है। इस दौरान न केवल अवैध रूप से काटी गई खैर को जंगल से बाहर ले जाने की कोशिश की गई, बल्कि वन कर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की गई, जिससे मामला बेहद गंभीर हो गया है।
वन खंड अधिकारी ज्ञान चंद अपनी टीम के साथ रात के समय गोचर जंगल क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान आधी रात के करीब दो गाड़ियों में खैर की लकड़ी लदी हुई जंगल से बाहर ले जाई जा रही थी। वन कर्मियों ने जब टॉर्च की रोशनी डालकर गाड़ियों को रुकने का संकेत दिया, तो खैर माफिया ने गाड़ी रोकने के बजाय जानलेवा अंदाज में वन कर्मियों की ओर वाहन चढ़ाने की कोशिश की। किसी तरह वन कर्मियों ने भागकर अपनी जान बचाई, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। अधिकारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वह अपनी टीम के साथ खैर माफिया का पीछा करते हुए शाहतलाई और दयोटसिद्ध तक पहुंचे, लेकिन तेज रफ्तार के कारण आरोपी भागने में सफल हो गए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना तलाई में शिकायत दर्ज करवा दी है। वहीं पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खैर माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बताते चलें कि इससे एक सप्ताह पूर्व भी इसी गोचर जंगल में खैर माफिया ने बड़े पैमाने पर अवैध कटान किया था। उस दौरान खैर के पेड़ों को काटकर उनके मोछे और लट्ठे जंगल के नालों और आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिए गए थे। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 खैर के पेड़ों के कुल 107 मोछे बरामद किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वन विभाग को काफी समय से गोचर जंगल में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्त सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने जंगल में तलाशी एवं निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें अवैध कटान की पुष्टि हुई। बरामद लकड़ी से यह स्पष्ट हो गया कि खैर की कटाई सुनियोजित तरीके से की जा रही है। वन खंड अधिकारी ने बताया कि खैर के अवैध कटान को रोकने के लिए वन विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम रात भर जंगलों में पहरा दे रही है ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। हालांकि संसाधनों की कमी के चलते खैर माफिया कभी-कभार घटनाओं को अंजाम देने में सफल हो जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अवैध कटान में प्रयुक्त गाड़ियों की पहचान कर आरोपियों तक पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि गोचर जंगल में खैर माफिया की सक्रियता बनी हुई है, जो न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचा रही है बल्कि वन कर्मियों की जान को भी खतरे में डाल रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें