संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं को 11 साल बाद भी अपना भवन नहीं मिल पाया है। यह स्कूल सराय में चल रहा है। भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार आज तक भूमि उपलब्ध नहीं करा पाई हैं। हालांकि निर्माण के बजट उपलब्ध है।
भवन न बनने से स्कूल में बारहवीं की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। विद्यार्थियों को कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास की सुविधा भी नहीं मिल पाई है। घुमारवीं में साल 2012 में केंद्रीय विद्यालय खुला तो लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। निजी विद्यालयों की मनमानी भी कम होगी लेकिन भवन न बनने के कारण अभिभावकों का सपना पूरा नहीं हुआ है। जमीन के लिए राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन मामला फाइलों में ही अटका है। केंद्रीय विद्यालय के भवन के लिए कम से कम आठ एकड़ भूमि जरूरत है। जमीन दिलाने के लिए जनप्रतिनिधि पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने जमीन चिन्हित करवा दी है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र के कारण मामला अटका हुआ है। अपना भवन न होने के कारण केंद्रीय विद्यालय में अभिभावक बच्चों को भेजने से कतरा रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय में 396 छात्र ही अध्ययनरत हैं।
मंदिर सराय के दस कमरे, वे भी खस्ताहाल
मंदिर की सराय में चल रहे केंद्रीय विद्यालय के पास खेल मैदान के नाम पर साथ लगते पंचायत भवन का आंगन ही है। सराय भवन में चलने वाले विद्यालय में मात्र 10 कमरे हैं। वो भी खस्ताहाल हैं। यहां एक ही कमरे में कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी है। इसके अलावा एक कमरे में प्रधानाचार्य कार्यालय, एक कमरे में क्लर्क कार्यालय है। विद्यालय के पास एक हॉल था, जिसमें वे कार्यक्रम करवाता था लेकिन पब्लिक लाइब्रेरी बनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद वह हॉल भी विद्यालय के पास से जा रहा है।
प्रशासन ने स्कूल भवन के लिए जमीन चिन्हित कर दी गई है। मामला वन विभाग के पास अधीन है। विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र आने के साथ ही जमीन स्थानांतरित कर दी जाएगी।
गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं।