भगेड़ (बिलासपुर)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से निकाली जा रही ज्योति कलश रथ यात्रा रविवार को अंतिम दिन घुमारवीं के संतोषी माता मंदिर हारकुकार पहुंची। यहां पर श्रद्धालुओं ने कलश एवं अखंड ज्योति की पूजा अर्चना की।
स्थानीय लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया एवं शांतिकुंज से आए हुए कलश एवं अखंड ज्योति के दर्शन किए। शांतिकुंज के आए हुए प्रतिनिधि मंगतराम शर्मा ने कहा कि गायत्री मंत्र के जाप एवं साधना से व्यक्ति के जीवन में उत्कृष्ट चिंतन एवं श्रेष्ठ विचारों का उदय होता है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करते हुए समाज को भी श्रेष्ठ दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीवन का अर्थ है समय, जो जीवन से प्यार करते हैं वह आलस्य में समय न गवाएं। अपने समय का सदुपयोग समाज में सत्कार्यों के लिए लगाएं। इस अवसर पर संवेदना संस्था घुमारवीं के कार्यकर्ताओं ने भी ज्योति कलश रथ यात्रा का स्वागत और पूजा अर्चना की। गायत्री परिवार बिलासपुर के कार्यकर्ताओं ने यात्रा को कुल्लू के लिए प्रस्थान करने पर भावभीनी विदाई दी।