सोई में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर कलश यात्रा निकालते हुए लोग। स्रोत: जागरूक पाठक।
श्रद्धालुओं से कथा के प्रसंग को मन, भावना से आत्मसात करने का किया आग्रह
सोई में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का हुआ शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के गांव सोई में शुक्रवार से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन आचार्य अमन शर्मा ने वेद-पुराणों की परंपरा अनुसार दीप प्रज्वलन के बाद भागवत महापुराण की महिमा का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भागवत एक ऐसा दिव्य ग्रंथ है जो केवल मनुष्य के जीवन को ही नहीं बल्कि उसके अनेक जन्मों के संचित पुण्यों को भी सार्थक करता है। भगवान तीनों कालों भूत, वर्तमान व भविष्य में सत्य स्वरूप हैं और समस्त प्रकृति उनके ही आदेश से संचालित होती है। परमपिता परमात्मा ही इस सृष्टि के रचयिता, पालक और संहारकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से जीव का कल्याण होता है। जब कई जन्मों के पुण्य उदित होते हैं, तभी किसी व्यक्ति को इस अमूल्य कथा को सुनने का अवसर मिलता है। देवता भी इस कथा के श्रवण के लिए लालायित रहते हैं, क्योंकि इसका प्रभाव इतना अद्भुत है कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य स्वयं हृष्ट-पुष्ट होकर नृत्य करने लगते हैं। यह कथा मानव जीवन के बड़े से बड़े पापों का भी नाश कर देती है और मनुष्य को भवसागर से पार ले जाती है।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत कथा के प्रत्येक प्रसंग को मन, बुद्धि और भावना से आत्मसात करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस पर भगवान की कृपा होती है, उसी के हाथों ऐसे दिव्य सत्कर्म पूर्ण होते हैं और वहीं कथा श्रवण का सर्वोच्च लाभ प्राप्त करता है। श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर बाद आयोजित की जाएगी।
सोई में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर कलश यात्रा निकालते हुए लोग। स्रोत: जागरूक पाठक।