औहर-भजवाणी प्रवाह सिंचाई योजना के निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारी व ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
फोरलेन निर्माण से क्षतिग्रस्त कुहलें, 40 हेक्टेयर भूमि सिंचाई से वंचित
सिंचाई सुविधा न होने से किसानों को उठाना पड़ रहा आर्थिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण से प्रभावित औहर-भजवाणी प्रवाह सिंचाई योजना को लेकर बुधवार को जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फोरलेन निर्माण से क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई व्यवस्था और टूटी कुहलें देखीं, जिससे किसानों में योजना के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है।
औहर और भजवाणी क्षेत्र के किसान लंबे समय से सिंचाई सुविधा से वंचित हैं। योजना बंद होने के कारण क्षेत्र की लगभग 40 हेक्टेयर भूमि पर खेती प्रभावित हुई है और किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। सिंचाई के अभाव में किसान नकदी फसलों का उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं और वर्षा आधारित खेती तक सीमित रह गए हैं। औहर पंचायत के पूर्व प्रधान एवं भाजपा किसान मोर्चा घुमारवीं मंडल के पूर्व अध्यक्ष देश राज शर्मा ने बताया कि यह सिंचाई योजना वर्ष 2014 से पहले क्षेत्र के लिए जीवन रेखा थी। इसके माध्यम से किसान सब्जियां और अन्य नकदी फसलें उगाकर अच्छी आमदनी अर्जित करते थे। उन्होंने कहा कि फोरलेन निर्माण के दौरान योजना की कुहलें टूट गईं और कई स्थानों पर कुहलों का पानी पूरी तरह बंद हो गया। साथ ही फोरलेन निर्माण के कारण किसानों की जमीन भी कई जगह दो भागों में बंट गई है, जिससे खेतों तक पानी पहुंचाना असंभव हो गया है। इस अवसर पर धनी राम शर्मा, नंद लाल शर्मा, राम लाल, बख्शी राम, ओंकार सिंह, जोगेंद्र धीमान, चमन लाल, गगन चंदेल, कृष्ण लाल धीमान, रमेश कुमार और मदन लाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।