- भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से गोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर की ओर से संस्कृति भवन में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रविंदर शर्मा ने मुख्य अतिथि रहे, जबकि अध्यक्षता नरैनु राम हितैषी ने की। मंच का संचालन रविंदर भट्टा ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से किया गया। इसके बाद जीत राम सुमन ने आओ दीप जलाएं रचना प्रस्तुत की। अमरनाथ धीमान ने घरा रा अंदर बी तपी गया बाहर बी तपी गया। रविंदर भट्टा ने जिस पर विश्वास किया वे ही निकला आस्तीन का सांप, प्रदीप गुप्ता ने वो पापा ही तो हैं, कर्मवीर ने श्मे नफरते जो फैला रही है हिंदू और मुसलमान में, रवींद्र शर्मा ने देवी देवतयां देयां मंदिरा च मैं हंड्या, एसआर आजाद ने दृहम बेसहारों को भी ये खुदा क्या खूब सहारे मिले, रविंद्र कुमार शर्मा ने लौटा दीजिए अध्यापक के हाथ में छड़ी, सुरेंद्र मिन्हास ने धुप्पा च सारे जीव भुरडय़ा दे, जीभ कड्डी ने उरे परे नठेया दे, पूनम देवी ने गर्मी आई गर्मी आई धूप पसीना लेकर आई, डॉ. अनेक राम सांख्यान ने इजत मान और मोक्ष शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। रामपाल डोगरा ने हाय गर्मी से कैसे निजात पाएं, नरैणु राम हितैषी ने गर्म हवा और जून का गर्म महीना, आदराम संख्यान ने सड़का पर पकवान, सुनील शर्मा ने पैसा बोलता है, सुशील पुंडीर ने आखिर कौन करे जंगल की आग की चिंता, केशव शर्मा ने पारंपरिक सुहाग गीत प्रस्तुत किया। सुमन चड्ढा ने मेरे चम्चयो, अखिलेश जोशी ने मंजिल है नई है, शीला सिंह ने कर्म ध्येय पहचान रही जो, बृजलाल लखनपाल ने अन्न उपजाना ठीक बड़ाणा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर इंद्र सिंह चंदेल, मुनीश कुमार, कोशल्या देवी, इलियास, राकेश कुमार, अंकित कुमार श्रोताओं के रूप में उपस्थित रहे। अंत में जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने सभी साहित्यकारों का धन्यवाद किया।