एसडीएम झंडूता का कार्रवाई समाप्त करने का आदेश रद्द, 26 सितंबर को दोनों पक्षों को पेश होने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता क्षेत्र के जड्डू में सार्वजनिक रास्ते पर कथित तौर पर बनाई गई दो दुकानों और रास्ते में अवरोध के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय बिलासपुर ने एसडीएम झंडूता के कार्यवाही समाप्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने मामला दोबारा एसडीएम के पास भेजते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोनों पक्षों को 26 सितंबर 2026 को एसडीएम झंडूता के समक्ष पेश होने को कहा गया है।
मामला जड्डू में खसरा नंबर 38/1/1 से सटे सार्वजनिक लिंक रोड का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रास्ते पर दो दुकानों के निर्माण से लोगों के आवागमन में बाधा पैदा हो गई है। मामले में राजस्व विभाग के नक्शे, लिंक रोड के डिजिटल मानचित्र, निर्माण संबंधी दस्तावेज और फोटो भी पेश किए गए।
वर्ष 2022 में एसडीएम झंडूता के समक्ष सार्वजनिक रास्ते पर अवरोध को लेकर कार्रवाई शुरू हुई थी। सशर्त आदेश के बाद संबंधित पक्ष ने आरोपों से इनकार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बावजूद छह मई 2024 को एसडीएम ने कार्रवाई समाप्त कर दी थी। इसका आधार शिकायत का एक व्यक्ति की ओर से किया जाना और भूमि से जुड़ा मामला मंडलायुक्त मंडी के समक्ष लंबित होना बताया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नविश भारद्वाज ने कहा कि सार्वजनिक रास्ते पर अवरोध और भूमि स्वामित्व से जुड़ी राजस्व कार्रवाई अलग-अलग विषय हैं। केवल राजस्व मामला लंबित होने से एसडीएम की कार्रवाई का अधिकार समाप्त नहीं होता। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रास्ते की शिकायत एक व्यक्ति भी कर सकता है।
अदालत ने एसडीएम को रास्ते के सार्वजनिक होने और उसके उपयोग की स्थिति तय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छह मई 2024 का आदेश रद्द कर मामला दोबारा एसडीएम को भेज दिया। मामले को तीन माह में निपटाने का प्रयास करने को कहा गया है।