बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ बिलासपुर के प्रधान नरेश ठाकुर ने कहा कि 15 हजार अस्थायी पीटीए, पैट, पैरा शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिली है। नौ साल की लंबी लड़ाई के बाद इन शिक्षकों के चेहरे पर खुशी नजर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 हजार पीटीए, पैट और पैरा शिक्षकों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं रद्द कर दी हैं। अब पीटीए, पैट, पैरा शिक्षक नियमित हो पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने नौ दिसंबर 2014 को दिए गए हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। सरकार ने मामले से जुड़ी सारी जानकारी के अनुसार फिलहाल अब लंबी लड़ाई के बाद हिमाचल के इन अस्थायी शिक्षकों को राहत मिलने से इन शिक्षकों के नियमितीकरण की राह आसान हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ बिलासपुर ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इस संघर्ष में जूझ रहे सभी पीटीए व पैरा अनुबंध पर काम कर रहे शिक्षकों को बधाई दी है। संघ ने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि इन अस्थायी शिक्षकों को जल्द से जल्द नियमित किया जाए। 31 मार्च 2020 को 3 साल का अनुबंध पूरा करने पर कर्मचारियों को 1 अप्रैल से नियमित करने पर सरकार के फैसले को संघ ने सराहा और मांग की है कि जल्द इन कर्मचारियों के नियमितिकरण के आदेश जारी किए जाएं।
इस मौके पर राज्य वरिष्ठ उपप्रधान हेम राज, मुख्य प्रेस सचिव राजेंद्र शर्मा, सतीश शर्मा, राजेश शर्मा, अमित कौशल , बलदेव शर्मा, जिला उप प्रधान भूपेंद्र ठाकुर, महासचिव जगदीश कौंडल, राजेंद्र, देश राज, पवन ठाकुर, अमित कौशल, अरविंद, रमेश जसवाल, पवन शर्मा, राजेंद्र, जगदीप ठाकुर, विजय कुमार, सुरेश कुमार, पवन ठाकुर, जगदीप ठाकुर, रवि दत्त नड्डा, विनोद कुमार, अश्वनी राणा, महेंद्र, सुशील, हरविंदर सिंह, डॉ प्रेम, सुशील ठाकुर, कुलदीप, गजेंद्र धीमान, सुरेंद्र ठाकुर, रवि कांत कौशल मौजूद रहे।