विकास खंड झंडूता की लगभग तीन हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत बडगांव के दो गांवों के लिए बनाई गई सिंचाई योजना लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सफेद हाथी साबित हुई है। सिंचाई की सुविधा लोगों तक न पहुंच पाने के कारण खेत प्यासे रह गए हैं। योजना कई सालों से खराब चल रही है। जबकि पंचायत के सभी गांव भी इस योजना से नहीं जोड़े गए हैं। इससे सरकार के लाखों रुपये भी बर्बाद हो गए हैं। संबंधित विभाग के इस उदासीन रवैये से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
उल्लेखनीय है कि बडगांव पंचायत के लिए एकमात्र री रडोह सिंचाई योजना है जिससे री और रडोह के किसानों की जमीन में ही पानी दिया जाता है। अन्य पंचायत के किसी भी गांवों में सरकार की ओर से कोई भी योजना शुरू नहीं की है। किसान क्लब के प्रधान ईश्वर सिंह ठाकुर, दीना नाथ, विजय सिंह, इंद्र सिंह, बिशन सिंह, ओंकार सिंह, रघुवीर सिंह, कमल देव, जयदेव, धर्म सिंह, रामपाल, राकेश कुमार, भाग सिंह, बलदेव सिंह, नारायण दास सहित अन्य किसानों ने बताया कि सरकार ने सीर खड्ड री में गांव री व रडोह के लोगों के लिए एक सिंचाई योजना बनाई जिस पर लाखों रुपये खर्च किए गए।
कुछ समय पश्चात वह योजना टूट गई और सरकार ने लाखों खर्च कर उस योजना को फिर से चालू करने के लिए उसकी पाइपों को डलवाया लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते योजना आज जस की तस बनी हुई है। लाखों खर्च करने के पश्चात लगभग पांच वर्षों से उनकी जमीनों में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है, जिस कारण उनकी फसलें पानी न मिलने की वजह से तबाह हो रही है।
उधर, अन्य गांवों के लोगों ने बताया कि भाजपा व कांग्रेस के नुमाइंदे उनके गांवों में आते हैं और हर बार सिंचाई सुविधा देने की बड़ी बड़ी घोषणाएं करके चले जाते हैं लेकिन आज दिन तक बडगांव पंचायत के अन्य गांवों जैसे कुरमाडा, खिल, बंग्यारियां, ऊंडा, कुलुखर, जरल, टीहरा, बडगांव, झरेडी, भिडा, बल्ह, मरीणी, खनेटी व फटोह गटी में सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण यहां के किसान मात्र बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। विभाग के सहायक अभियंता राकेश वैद्य ने बताया कि जल्द ही योजना को शुरू कर दिया जाएगा।
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