-देश के विविध प्रांतों की सांस्कृतिक झलकियों ने उत्सव को बनाया रंगीन
संवद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला भाषा एवं संस्कृति अधिकारी की ओर से आयोजित अंतरराज्यीय लोक सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं कन्या पूजन के साथ किया गया। यह आयोजन उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला, सूचना एवं जन संपर्क विभाग, हिमाचल प्रदेश, हिम कला संगम, बिलासपुर के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में शिमला के लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों के गीतों और नृत्यों की मधुर लहरियों ने हिमाचल की मिट्टी की सोंधी खुशबू को जीवंत कर दिया। मंच पर सजी लोक धुनों और नृत्य-तालों ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला से आए जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने भी मनभावन प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। देश के विविध प्रांतों की सांस्कृतिक झलकियों ने उत्सव को रंगीन, जीवंत और उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष आरटीओ राजेश कौशल ने कहा कि यह आयोजन लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान की दिशा में एक सशक्त पहल है। चार दिवसीय यह आयोजन देशभर की लोक परंपराओं, संगीत और नृत्यों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
जिला भाषा-संस्कृति अधिकारी ने कहा कि विभाग का प्रयास रहता है कि लोक संस्कृति का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि युवा पीढ़ी विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति से रूबरू हो सके। इस मौके पर जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल, सतपाल शर्मा, हरियाणा से प्रवीण कुमार,पानीपत से प्रदीप कुमार, अधिवक्ता नरेश परिहार, जगदीश शर्मा, आशीष राणा सहित कई अन्य मौजूद रहे।