एम्स बिलासपुर ने विश्व गठिया दिवस पर बढ़ाई बीमारी के प्रति जागरूकता
- क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी,रुमेटोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने बताए बीमारी के लक्षण
-पैरामेडिकल, नर्सिंग छात्रों ने नुक्कड़ नाटक कर दी गठिया की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अक्तूबर माह को विश्व गठिया माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी लोगों के बीच गठिया रोग के अस्तित्व, प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष का विषय सूचित विकल्प और बेहतर परिणाम है। एम्स बिलासपुर में इस कार्यक्रम का आयोजन क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी, रुमेटोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने किया।
विभाग के निदेशक और प्रमुख प्रो. डॉक्टर वीएस नेगी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। गठिया प्रबंधन के लिए शीघ्र निदान और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया। यह कार्यक्रम बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के सामने आयोजित हुआ। यहां पर बड़ी संख्या में मरीज और तीमारदार इसमें शामिल हुए। डॉ. योगेश प्रीत सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उनसे गठिया की
गलत धारणा को दूर करने का आग्रह किया। डॉ. देवेंद बैरवा ने गठिया के सामान्य संकेतों और लक्षणों के बारे में सार्वजनिक शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रुमेटोलॉजी के वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. अंकिता देवांगन द्वारा निर्देशित नुक्कड़ नाटक रहा। इसे पैरामेडिकल, नर्सिंग छात्रों ने प्रस्तुत किया। इस नाटक में प्रचलित मिथकों को खारिज करते हुए गठिया के सामान्य लक्षणों और गंभीर लक्षणों को प्रभावी ढंग से चित्रित किया गया था। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. देवेंद्र कसोत्या ने गठिया रोग में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के बारे में बात की। डॉ. तरुण शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।