झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के पिछड़ा क्षेत्र कोटधार की थेह से बुहाड़ सड़क के सुधारीकरण का काम लंबे अरसे बाद भी पूरा नहीं हुआ। 18 माह की समय अवधि में पूरा होने वाला कार्य चार वर्षों में भी पूरा नहीं हो पाया है। सड़क निर्माण कार्य कर रहे संबंधित ठेकेदार की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है।
करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर थेह से बुहाड़ सड़क के सुधारीकरण का कार्य साल 2019 में ठेकेदार को दिया गया था। सड़क की चौड़ाई तीन मीटर जबकि सड़क मार्ग के एक ओर पक्की नालियों के निर्माण के साथ ही दुर्घटना वाले मोड़ों को दुरुस्त करना शामिल है। वहीं, सड़क का कार्य पूरा न होने से लोगों में भी रोष है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।
बता दें कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र की थेह से बुहाड़ सड़क भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम पहाड़ी से गुजरती है। सड़क तंग होने की वजह से वाहन दुर्घटनाओं से क्षेत्र के कई लोग अपनी जान गवाएं और कई लोग घायल हो चुके हैं। वहीं वाहन चालकों को भी एक दूसरे वाहन को पास देते समय जान हथेली पर रखनी पड़ती है। करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों को सड़क सुविधा का लाभ होना है। लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार को साल 2019 में सड़क के सुधारीकरण का कार्य आवंटित कर उसे 18 माह की समयावधि में पूरा करने को कहा था। लेकिन सड़क का सुधारीकरण का कार्य समयावधि में न होने से स्थानीय लोग सड़क से उड़ती धूल से परेशानियों का सामना करते रहे। धूल से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ा। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित ठेकेदार को कार्य समय अवधि में पूरा न करने पर पेनल्टी डाल कर जुर्माना लगाया है।
लोक निर्माण विभाग सबडिवीजन कलोल के सहायक अभियंता सचिन नड्डा ने बताया कि 14 किलोमीटर थेह से बुहाड सड़क के सुधारीकरण के लिए नौ करोड़ का कार्य ठेकेदार को आवंटित किया था। 18 माह की समयावधि में सड़क का कार्य पूरा करना था। ठेकेदार की लेटलतीफी से कार्य में देरी हुई विभाग ने संबंधित ठेकेदार को जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि कार्य शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा।