बिलासपुर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ आयोजन
जल एवं ऊर्जा संकट, जैव-चिकित्सीय अनुप्रयोगों के बायोसेंसरों पर की चर्चा
150 प्रतिभागियों ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए शोध पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के रसायन विज्ञान विभाग ने इंटरडिसिप्लिनरी एडवांसेज इन केमिस्ट्री : इनोवेशन फॉर एनवायरनमेंट, एनर्जी एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया, जिसमें ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों प्रकार के तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
सम्मेलन में लगभग 150 प्रतिभागियों ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने संरक्षक एवं मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने सतत विकास एवं हरित पहलों को अपनाने पर विशेष बल दिया। कहा कि यदि विद्यार्थी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें, तो प्रत्येक समस्या का समाधान संभव है। इस दौरान सम्मेलन के समन्वयक प्रो. रंजीत सिंह ने सम्मेलन की थीम एवं उप-थीम्स को विस्तारपूर्वक समझाया। आयोजन समिति के सभी सदस्यों के साथ मुख्यातिथि, कीनोट वक्ता, रिसोर्स पर्सन और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने सम्मेलन की सार-पुस्तिका का विमोचन किया गया। कीनोट वक्ता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप चौहान ने जल एवं ऊर्जा संकट के समाधान हेतु बायोमास आधारित सतत समाधानों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन के रिसोर्स पर्सन इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. धनंजय ने जैव-चिकित्सीय अनुप्रयोगों के लिए विकेंद्रीकृत बायोसेंसरों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के तहत डॉ. विजय ठाकुर ने यूनाइटेड किंगडम से ऑनलाइन माध्यम ने सम्मेलन में सहभागिता की। जबकि डॉ. राकेश सोनी भी ऑनलाइन माध्यम से सम्मेलन से जुड़े। समापन सत्र में सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. राकेश भारद्वाज मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सततता, नवाचार और विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच एवं वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने पर बल दिया। संयोजक प्रो. श्रवण कुमार ने संपूर्ण सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर तकनीकी सचिव प्रो. अश्विनी चंदेल, तकनीकी विशेषज्ञ प्रो. अंकित चांदले, डॉ. विजय कुमार, डॉ. अमित कौड़ा, प्रो. अपर्णा शर्मा, प्रो. प्रेमजीत, डॉ. सुरेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ. सुरजीत चंदेल, डॉ. संजीव, डॉ. सोनिया राठौर, डॉ. मोनिका, प्रो. अनुप्रिया आदि उपस्थित रहे।