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Bilaspur News: 11 दिसंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन

Mon, 02 Dec 2024 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने सरकार को दी चेतावनी
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-महासंघ बोला, समान काम, समान वेतन और स्थायी नीति पर चुप है सरकार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ की बिलासपुर जिला इकाई की बैठक परिधि गृह बिलासपुर में हुई। बैठक का नेतृत्व जिला अध्यक्ष पवन कुमार ने किया, जबकि प्रदेशाध्यक्ष यूनस अख्तर विशेष रूप से उपस्थित रहे। ठक की कार्रवाई जिला महासचिव सबीर मोहम्मद ने की।
बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं और सरकार के रवैये पर गहन चर्चा की। महासंघ ने सरकार के सौतेले व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार हर वर्ग के लिए योजनाएं बना रही है, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रति उदासीनता दिखा रही है। कहा कि सरकार समान काम, समान वेतन और स्थायी नीति पर अब तक चुप्पी साधे हुए है। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री ने सत्ता में आने से पहले आउटसोर्स प्रणाली में सुधार, बिचौलियों को हटाने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के दो साल बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महासंघ ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अब इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है। याद दिलाया कि जब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विपक्ष में थे, तो उन्होंने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। लेकिन अब सत्ता में आने के बाद उनकी प्राथमिकता बदल गई है। पिछले 15-20 वर्ष से आउटसोर्स कर्मचारी स्थायी नीति और सम्मानजनक वेतन की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर सरकार ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर छोड़ दिया। कहा कि वर्तमान में आउटसोर्स कर्मचारी 10-12 हजार रुपये मासिक वेतन पर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, जो आज की महंगाई के दौर में अत्यधिक कठिन है। महासंघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस समस्या पर गंभीरता से विचार करें और कर्मचारियों के लिए स्थायी समाधान प्रस्तुत करें।
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महासंघ ने सरकार को चेताया है कि यदि 11 दिसंबर तक आउटसोर्स प्रणाली को समाप्त कर स्थायी नीति की घोषणा नहीं की गई, तो आउटसोर्स कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। महासंघ ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति के लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों से जुड़े कई आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से कुलदीप कुमार, मनोज कुमार, ओंकार चौहान, देव राज, अजय सिंह चंदेल, सोम दास, परमजीत कौर, मीना, सपना, शकुंतला, रचना, स्वदर्शना और सरिता शामिल थे। प्रदेशाध्यक्ष यूनस अख्तर ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि महासंघ उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा और सरकार पर दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
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