-बीए, बीएससी मेडिकल और नॉन मेडिकल जैसे कोर्स की जांच की
-कॉलेज के शैक्षणिक, प्रशासनिक कार्यों की प्रभावशीलता को किया सुनिश्चित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर का निरीक्षण किया। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न कोर्सों की अस्थायी संबद्धता की समीक्षा करना था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर पीएस कटवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा कई प्रमुख कोर्सों की अस्थायी संबद्धता की जांच की गई।
उन्होंने कहा कि इनमें बीए, बीएससी मेडिकल और नॉन मेडिकल, बीकॉम, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी फिजिक्स, एमएससी मैथ्स, एमए इकोनॉमिक्स, एमए इंग्लिश, एम कॉम, बी वॉक, बीसीए, बीबीए, पीजीडीसीए, बीटीटीएम और बीएससी ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी शामिल हैं। बताया कि यह निरीक्षण महाविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों की प्रभावशीलता को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इससे पहले 2021 में भी विश्वविद्यालय की टीम द्वारा महाविद्यालय का निरीक्षण किया गया था और अब यह निरीक्षण सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए किया जा रहा है। निरीक्षण के लिए आई कमेटी में विभिन्न विशेषज्ञ और नॉमिनीज शामिल थे। इनमें प्रोफेसर नयनजीत सिंह, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. धीरज सिंह रावत, प्रोफेसर नयनजीत सिंह, प्रोफेसर सुरेश कुमार, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. हिमांशु परमार , प्रोफेसर नितिन, डॉ. संजीत शर्मा, डॉ. सुनील, डॉ. वामिक आज़मी, डॉक्टर सुरेश कुमार, डॉ. संदीप चौहान, प्रोफेसर नयनजीत सिंह, प्रोफेसर खेमचंद शामिल रहे।
डॉ. पीएस कटवाल ने बताया कि निरीक्षण टीम ने महाविद्यालय के विभिन्न संकायों का गहन निरीक्षण किया। टीम महाविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रणाली से अत्यधिक संतुष्ट नजर आई और उन्होंने महाविद्यालय की कार्यप्रणाली की सराहना की। निरीक्षण के बाद टीम ने कहा कि महाविद्यालय की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था उच्च स्तर की है और वे अपनी रिपोर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय को सौंपेंगे।