बिलासपुर। आर्थिकी को सुधारने के लिए पशु पालन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा पशु पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ताकि पशु पालन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। पशुपालकों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। ताकि लोग अच्छी किस्म के पशु तैयार करके खेतीबाड़ी के साथ-साथ पशु पालन व्यवसाय से भी जुड़ सकें।
उपनिदेशक पशु स्वास्थ्य/प्रजनन डॉ. लाल गोपाल ने बताया कि जिला बिलासपुर में आवारा, घायल पशुओं के उपचार के लिए पहल करते हुए गत वर्ष जिला में पशु आघात निदान केंद्र की शुरूआत की गई। इसमें आवारा घायल पशुओं का इलाज किया जा है। इसके अतिरिक्त जिला में पशुपालन विभाग द्वारा इस वर्ष में जून माह तक 42,597 हजार पशुओं का उपचार तथा 55 पशुओं का बधियाकरण और पशु शल्य चिकित्सा/आपात स्थिति में 775 पशुओं का उपचार किया गया। जिला में आवारा पशुओं को आश्रय देने के लिए 12 गो सदन कार्यरत हैं। जिनमें लगभग 890 पशुओं को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिला में श्री नयना देवी जी की ग्राम पंचायत बरोटा-दबवाला और सदर बिलासपुर की ग्राम पंचायत धार टटोह में काऊ सेंक्चुरी प्रस्तावित है। जिसकी औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही है।
जिला में पशु पालकों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। ताकि पशुपालकों की आर्थिकी को मजबूत करके उनके जीवनस्तर को बेहतर बनाया जा सके। जिला बिलासपुर में गत वर्ष 6 हजार 429 पशुओं का पंजीकरण किया गया। जबकि इस वर्ष जून तक 5,717 हजार पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। पशुओं का मुंह, खुर रोग से बचाव करने के लिए गत वर्ष 1,52,526 पशुओं का टीकाकरण किया गया। जबकि इस वर्ष में जून माह तक 36 हजार 316 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।