बास्केटबाल मैदान में यूथ क्लब करवाएगा कार्यक्रम
-शिक्षण संस्थानों में बच्चों ने मनाई होली
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। जिले में होली पर्व को लेकर उत्साह चरम पर है। बुधवार को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा। शहर और कस्बों के बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, पिचकारियों और सजावटी सामग्री से सज गए हैं। दुकानों के बाहर सजे आकर्षक स्टॉल ग्राहकों को लुभा रहे हैं और खरीदारी के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
मुख्य बाजारों में इन दिनों रौनक देखते ही बन रही है। लाल, गुलाबी, पीले, हरे और नीले रंगों के ढेर हर दुकान पर सजे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोग खरीदारी में जुटे हैं। खास बात यह है कि इस बार हर्बल गुलाल की मांग में बढ़ोतरी हुई है। लोग त्वचा संबंधी समस्याओं से बचने के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। गुलाब, चंदन, हल्दी और अन्य प्राकृतिक तत्वों से तैयार किए गए रंग ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। हर्बल गुलाल की कीमत सामान्य रंगों से थोड़ी अधिक होने के बावजूद इसकी बिक्री तेज है। बच्चों में पिचकारियों को लेकर खासा उत्साह है। बाजार में कार्टून थीम, टैंक मॉडल, बैकपैक स्टाइल और प्रेशर पिचकारियों की भरमार है। नई डिजाइन और आकर्षक पैकिंग के कारण बच्चों की पसंद में बदलाव आया है। पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ आधुनिक डिजाइन की पिचकारियां भी खूब बिक रही हैं।
मंगलवार को जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों ने होली खेली। बच्चों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। वहीं बुधवार को बिलासपुर शहर में यूथ क्लब बिलासपुर की ओर से रौड़ा स्थित बास्केटबाल मैदान में होली कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी तैयारियां जोरों पर हैं। व्यापारियों को इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बाजार में खरीदारी का माहौल बेहतर है, जिससे व्यापार में उछाल आने की संभावना है।
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हर्बल रंगों की बढ़ी मांग
दुकानदार अनीता देवी ने बताया कि इस बार ग्राहक हर्बल रंगों सहित बेहतर क्वालिटी के रंगों की खरीद को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे हर्बल गुलाल की बिक्री में इजाफा हुआ है।
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डिब्बा बंद रंगों को मिल रही प्राथमिकता
दुकानदार मोना ने बताया कि ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार रंगों की मांग ज्यादा है। दाम भी संतुलित हैं और ग्राहक अलग-अलग डिब्बा बंद रंगों को प्राथमिकता से खरीद रहे हैं।