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मोतियाबिंद और शुगर के मरीज भी कर सकते हैं नेत्रदान : कमल

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महिला मंडल घंडीर में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महिला मंडल घंडीर में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त किशोरी लाल ने की। स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति की ओर से नेत्रदान करने से दो कॉर्निया दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिल सकती है। यह दिवस राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जाता है। किसी भी उम्र या लिंग का कोई भी व्यक्ति आंखें दान कर सकता है। यहां तक की मोतियाबिंद, ऑपरेशन करा चुके, चश्मा पहनने वाले, बीपी या शुगर के मरीज भी नेत्रदान कर सकते हैं। कैंसर, हेपेटाइटिस, एड्स, रैबीज आदि से पीड़ित लोग नेत्रदान नहीं कर सकते हैं। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में शिक्षित करना, शंकाओं को दूर करना और लोगों को मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। हर साल केंद्र सरकार नेत्रदान के महत्व को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान चलाती है। नेत्रदान में आंखों का कार्निया ही दान किया जाता है इसलिए इस दिवस का थीम आई कैन सी क्लीयरली नाऊ रखा गया है। कोई भी व्यक्ति मृत्यु के बाद अपना कॉर्निया दान करना चाहता है तो आई बैंक के किसी अस्पताल से संपर्क कर सकता है। कॉर्निया अधिकतम 6 घंटे के अंदर डॉक्टरों की टीम द्वारा निकाला जाना चाहिए। कॉर्निया को 7 दिन के अंदर किसी न किसी को ट्रांसप्लांट करना ही होता है, जितना जल्दी कॉर्निया प्रत्यारोपित किया जाए उतना ही परिणाम अच्छा मिलता है। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं ने चार्ट और स्लोगन मेकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूनम, सीएचओ सहित अन्य उपस्थित रहे।
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