बिलासपुर। जिला अस्पताल के सीएमओ कार्यालय में तीन कर्मचारी सोमवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं अस्पताल परिसर में दवाइयों की सहकारी दुकान का कर्मी भी पॉजिटिव आया है। इससे जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों के पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल में एक चिकित्सक, एक स्वास्थ्य शिक्षक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमओ कार्यालय में तैनात होने के कारण संक्रमित अस्पताल के अधिकतर स्टाफ के संपर्क में आए हैं। इससे अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। जिला कांग्रेस के महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा कि जिला बिलासपुर में अधिकारियों, कर्मचारियों और मरीजों की हालत भगवान भरोसे ही है। जिला के क्षेत्रीय अस्पताल में कोविड-19 को लेकर के जिस तरह से लापरवाही बरती जा रही है, उससे लगता है कि जिला अस्पताल कोविड-19 संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा।
सांख्यान ने कहा कि अस्पताल में एक कर्मचारी को जुकाम हुआ था। जिस पर उसने सीएमओ से छुट्टी मांगी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली। उसकी और उसके संपर्क में आने वाले दो कर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लिया जाए और अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय की जाए।
उधर, सीएमओ बिलासपुर डॉ. दड़ोच ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कार्य किया जा रहा है। पॉजिटिव आने के बाद संक्रमितों को होम आईसोलेट कर दिया गया है। जहां संक्रमित बैठते थे उस स्थान को बंद कर दिया गया है। अन्य कर्मियों के टेस्ट करवाए गए हैं।