हिमाचल ग्रीन ग्रोवर किसान एवं बागवान समिति ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ग्रीन ग्रोवरों के लिए पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, अधिकारी इसमें कोई रुचि नहीं दिखा रहे।
सोमवार को हिमाचल ग्रीन ग्रोवर किसान एवं बागवान समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर की अध्यक्षता में बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर से मिला। उन्होंने रामलाल ठाकुर के समक्ष अपनी मांग रखी।
उन्होंने आरोप लगाया ग्रीन ग्रोवरों के लिए पॉलिसी बनाने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आदेश दिए हैं। बावजूद इसके अधिकारी इसको लेकर कोई कदम नहीं उठा रह है। इससे किसानों और बागवानों में रोष है।
ग्रीन हाउस संचालकों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित योजना के तहत उन्होंने ग्रीन हाउस लगाकर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने के लिए बैंकों से कर्ज लेकर ग्रीन हाउस लगाए थे, लेकिन अनुदान और ब्याज के हेरफेर में किसानों की हालत खराब हो गई है।
उन्होंने यह भी हैरानी जताई कि मुख्यमंत्री के पास जब प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने मिलकर न्याय की गुहार लगाई तो स्वयं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ग्रीन हाउस संचालकों की मांग को जायज ठहराते हुए इस पर नीति निर्माण की घोषणा की।
लेकिन, सरकार में अफसरशाही इतनी हावी है कि वह मुख्यमंत्री के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। दस फरवरी को उद्यान विभाग के सचिव और निदेशक के साथ हुई ग्रीन हाउस संचालकों की बैठक भी बेनतीजा रही।
समिति का कहना है कि बैंक द्वारा दिए गए कर्ज पर बैंकों ने मनमर्जी से रेट आफ इंटरस्ट लगाए हैं। किसानों के बैंक कर्ज पर व्यवसायिक ब्याज लगाया जा रहा है। इस मौके पर ठाकुर रामलाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में प्रदेश मुख्यमंत्री के समक्ष प्रतिनिधिमंडल की बात रखेंगे और किसानों के हित में फैसला करवायेंगे। प्रतिनिधिमंडल में जिला कांग्रेस प्रवक्ता संदीप सांख्यान, राजीव कुमार, जीतराम, सुभाष, संदीप, नरेंद्र, जगत राम, मनोहर लाल, ईश्वर सिंह चंदेल, सुच्चा सिंह और अनिल ठाकुर आदि मौजूद थे।