अभिभावकों ने सभी बच्चों को एकमुश्त छूट देनी उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। क्षेत्र की चार पंचायतों के अभिभावकों ने सरकार से अगले सत्र से छह साल के बच्चे को स्कूल में दाखिला मिलने वाले फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
अभिभावक सीमा कुमारी, नीता कुमारी, शालू शर्मा, वनिता कुमारी, पूजा कुमारी, बाबूराम, नीरज कुमार, रामकृष्ण शर्मा, पूनम देवी, पूजा देवी, सपना, सुभाष परमार, दीक्षा धीमान, नेहा ज्योति और मंजुला मंजू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन बच्चों की आयु मार्च 2024 को साढ़े पांच साल या 30 सितंबर 2024 को छह साल की आयु पूरी की होगी, उसे ही पहली में दाखिला मिलेगा। जो बच्चे पहले से पढ़ रहे हैं और छह साल की आयु पूर्ण नहीं करने वाली शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उनके साथ यह अन्याय है।
उन्होंने बताया कि जो बच्चा यूकेजी में पढ़ रहा है और मार्च में साढ़े पांच साल का नहीं होता है तो उसे फिर से यूकेजी में दाखिला लेना पड़ेगा। इससे बच्चे की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। साथ ही जिन अभिभावकों ने पूरा साल आर्थिक तंगी में रहते हुए भी बच्चों की पढ़ाई के लिए खर्चा किया है उन्हें भी नुकसान भुगतना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी बच्चों को एकमुश्त छूट देनी चाहिए, चाहे वह छह साल या साढ़े पांच साल का हो। वैसे भी शिक्षण संस्थानों में साल के मध्य में कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए जिससे बच्चों और अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़े।