पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बिलासपुर के घुमारवीं में सुक्खू सरकार पर सोशल मीडिया से जुड़े मामलों में कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत मिलते ही कार्रवाई होती है, जबकि भाजपा नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक अभियान चलाने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों से संविधान और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की।
घुमारवीं में चल रहे भाजपा के धरना-प्रदर्शन और प्राथमिकी विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों में सरकार और पुलिस अलग-अलग मापदंड अपना रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुकदमे दर्ज होने या सरकारी दबाव से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा। घुमारवीं में प्राथमिकी विवाद को लेकर भाजपा का क्रमिक धरना और अनशन कई दिनों से जारी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता पुलिस कार्रवाई में कथित भेदभाव का विरोध कर रहे हैं।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं के खिलाफ सामाजिक माध्यमों पर कथित आपत्तिजनक अभियान चलाने वालों के खिलाफ शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोप सामने आ रहे हैं। उनका आरोप है कि दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत मिलने पर पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है।
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उन्होंने प्रदेश सरकार पर राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने के लिए मुकदमों और प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाते रहेंगे।
सोशल मीडिया मामलों पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले कुछ सामाजिक माध्यम पृष्ठों को लेकर शिकायतें की गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने वाले एक पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया गया।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है। पुलिस और सरकार की ओर से इस विशेष आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और राजनीतिक आधार पर कार्रवाई के अलग-अलग मानदंड नहीं होने चाहिए।
अधिकारियों को संविधान के अनुसार काम करने की अपील
जयराम ठाकुर ने अधिकारियों से राजनीतिक दबाव से अलग रहकर संविधान, कानून और अपनी शपथ के अनुसार काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को किसी राजनीतिक दल या सरकार के साथ अपना भविष्य जोड़ने के बजाय अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और अधिकारियों की जिम्मेदारी लंबे समय तक बनी रहती है।
कहा- मुकदमों से नहीं डरेंगे कार्यकर्ता
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुकदमों के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने या दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उनके अनुसार ऐसे मामलों के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता सरकार की नीतियों और फैसलों को जनता के सामने उठाते रहेंगे।
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कथित गलत नीतियों और जनविरोधी फैसलों का विरोध लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक घटनाक्रम को देख रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम निर्णय मतदाता करते हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जमवाल, झंडूता विधायक जीतराम कटवाल सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
घुमारवीं में प्राथमिकी विवाद को लेकर भाजपा का आंदोलन जारी रहने के बीच जयराम ठाकुर का यह बयान सामने आया है। इससे पहले भाजपा नेताओं की ओर से भी पुलिस कार्रवाई और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।