मार्च से सप्लाई ठप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। भगेड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गेहड़वीं इलाके में रसोई गैस की सप्लाई पिछले कई दिनों से ठप पड़ी है, जिससे आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्राम पंचायत जांगला, समोह, गेहड़वीं, बडोल देवी और बेरी मियां के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और उनमें भारी रोष देखने को मिल रहा है।
समोह पंचायत के नेरस गांव के ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्र में मार्च महीने से ही गैस सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह बंद है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गैस की किल्लत के चलते लोगों के घरेलू कामकाज पर सीधा असर पड़ा है। समय पर सिलेंडर न मिलने के कारण लोगों को मजबूरन लकड़ी और अन्य पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय अधिक खर्च हो रहा है, बल्कि मेहनत भी दोगुनी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत नजर आ रहे हैं। महिलाओं पर इस संकट का सबसे अधिक असर पड़ा है। उनका कहना है कि गैस न होने के कारण रोजाना खाना बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सुबह और शाम के भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है, जिससे पूरे परिवार की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई परिवारों ने गैस एजेंसी से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन समस्या का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों में रमेश, भुपेश, सागर और अमरनाथ ने प्रशासन और संबंधित गैस एजेंसी से जल्द से जल्द गैस सप्लाई बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।