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Bilaspur News: गजेंद्र मोक्ष कथा से मिला भक्ति और समर्पण का संदेश

Sun, 19 Apr 2026 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कुठेड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: जागरूक पाठक
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बाबा नाहर सिंह कॉलोनी कुठेड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। जय बाबा नाहर सिंह भागवत कमेटी की ओर से बाबा नाहर सिंह कॉलोनी कुठेड़ा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन पंडित सुरेश भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को गजेंद्र मोक्ष की प्रेरणादायक कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित कथाएं मनुष्य को भक्ति, विश्वास और समर्पण का मार्ग दिखाती हैं।
उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में त्रिकूट पर्वत के समीप एक सरोवर में गजेन्द्र नामक शक्तिशाली हाथी अपने परिवार के साथ निवास करता था। एक दिन स्नान के दौरान एक मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया। लंबे समय तक चले संघर्ष में गजेंद्र की शक्ति क्षीण होती गई, जबकि मगरमच्छ पानी में रहने के कारण मजबूत होता गया। कहा कि जब गजेन्द्र का अहंकार टूट गया और उसे कोई उपाय नजर नहीं आया, तब उसने सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण किया। उसकी निष्कपट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु गरुड़ पर सवार होकर पहुंचे और सुदर्शन चक्र से मगरमच्छ का वध कर गजेन्द्र को मुक्त किया।
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उन्होंने कहा कि यह कथा हमें सिखाती है कि संकट के समय केवल अपनी शक्ति पर नहीं, बल्कि ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए। जब मनुष्य अहंकार त्यागकर सच्चे हृदय से भगवान को पुकारता है, तो उसे अवश्य सहायता मिलती है। कथा के अंत में श्रद्धालुओं को भक्ति, विश्वास और समर्पण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
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