-स्कूल का पहले हायर सेकेंडरी बैच 1963 के छात्र हुए मित्र मिलन समारोह में शामिल
-यादों के झरोखे में लौटे अस्सी पार के बुजुर्ग
-पद और प्रतिष्ठा पीछे छूटी, दिखे सिर्फ पुराने दोस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। कहते हैं वक्त यादों पर धूल जमा देता है, लेकिन बरठीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के 1963 बैच के पूर्व छात्रों ने इस कहावत को झुठला दिया। करीब 61 साल बाद जब 80 की उम्र पार कर चुके ये पुराने साथी एक मंच पर जुटे, तो बचपन की शरारतें और स्कूल के दिनों की यादें फिर से जीवंत हो उठीं। भावुकता का आलम यह था कि कई साथियों की आंखें नम हो गईं।
1961 में बरठीं स्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा मिला था। मार्च 1963 में यहां से पहली बार सेकेंडरी कक्षा उत्तीर्ण करने का गौरव इसी बैच को प्राप्त हुआ था। इन पूर्व छात्रों ने न केवल स्कूल का मान बढ़ाया, बल्कि जीवन की दौड़ में विभिन्न क्षेत्रों में रहते हुए देश और समाज की उत्कृष्ट सेवा की। समारोह में पहुंचे कर्नल वंशी राम, प्रिंसिपल हरवंश लाल सोनी, प्रिंसिपल बलदेव ढटवालिया, प्रिंसिपल लेखराम धीमान और लेक्चरर धनीराम शर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे इसी पाठशाला की मिट्टी ने उन्हें संघर्षों से लड़ना और उपलब्धियां हासिल करना सिखाया। 80 वर्ष की आयु के बावजूद दूर-दराज से पहुंचे दर्जनभर से अधिक सहपाठियों ने अपने सुख दुख और स्कूल के बाद का सफर साझा किया। अपने संघर्ष, उपलब्धियां और समाज सेवा के किस्से एक दूसरे को सुनाए। इस यादगार मित्र मिलन समारोह में रामानंद शर्मा, ज्योतिराम शर्मा, जगदीश चंद गुलेरिया, बलबीर सिंह चंदेल, एनडीएस विजय सिंह चंदेल, रामजी दास शर्मा, जगन्नाथ शर्मा, जगदीश सिंह चंदेल, गुलजार सिंह, प्रताप सिंह तथा करतार सिंह सहित अनेक सहपाठी उपस्थित रहे। समारोह के समापन पर सभी ने एक-दूसरे के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। साथ ही यह संकल्प भी लिया कि जीवन के इस पड़ाव पर भी वे आपसी संपर्क बनाए रखेंगे और भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करते रहेंगे।