फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाके पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जांच रहे स्वास्थ्य

विज्ञापन
कॉलेज चौक पर वाहनों को चेक करते पुलिसकर्मी। - फोटो : BILASPUR
विज्ञापन
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के बार्डर पर लगे विभिन्न नाकों पर कोरोना से जिले को सुरक्षित रखने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से भले ही सख्ती बरती जा रही हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसके प्रति काफी लापरवाह है। इसका उदाहरण जिले के नाकों पर कोरोना व स्वास्थ्य की जांच(थर्मल स्क्रीनिंग) के लिए लगाए गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जहां आते-जाते लोगों की यह लोग रोजाना स्क्रीनिंग कर औपचारिकताएं पूरी कर विभागीय दायित्वों की इति श्री कर रहे हैं। उधर, इससे प्रशासन भी पूरी तरह से अनभिज्ञ है।
विज्ञापन

दरअसल, कोरोना वायरस ने देश व प्रदेश में हलचल मचा रखा है और पिछले कुछ दिनों से निरंतर बाहरी राज्यों से हजारों की संख्या में लोगों का आगमन हुआ है। जिले के अंतिम छोर से नाकों से यह लोग गुजरें है। जहां, पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहा हैं तथा लोगों की थर्मल स्क्त्रस्ीनिंग भी कर रहे हैं। हालंाकि यह अलग बात है कि अभी तक बिलासपुर जिले में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है। लेकिन जिस नाकों पर चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। उससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं सवाल यह भी है कि स्वास्थ्य विभाग को ऐसी क्या नौबत आन पड़ी है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से थर्मल स्क्त्रस्ीनिंग करवानी पड़ रही है। इस संबंध में एसडीएम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने बताया इस पूरे मामले की छानबीन के आदेश जारी किए गए है। नाके पर थर्मल स्क्रीनिंग जांच के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। इस संबंध में बीएमओ को तलब किया जाएगा।
इस संबंध में एसडीएम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने बताया इस पूरे मामले की छानबीन के आदेश जारी किए गए है। नाके पर थर्मल स्क्रीनिंग जांच के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। इस संबंध में बीएमओ को तलब किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें