बिलासपुर में आयोजित फाउंडेशन लर्निंग स्टडी परीक्षा देता बच्चा व मौजदू अध्यापिका। स्रोत: डाइट जु
18 सरकारी व निजी स्कूलों के चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने लिया भाग
टैबलेट के जरिए हुआ डिजिटल मूल्यांकन, साक्षरता, संख्यात्मक कौशल परखा
परीक्षा के जरिए शिक्षा सुधार के लिए जुटाया जाएगा डेटा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में फाउंडेशन लर्निंग स्टडी (एफएलएस) 2026 परीक्षा शुक्रवार को शुरू हो गई। पहले दिन जिले भर के चयनित सरकारी और निजी स्कूलों में चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा दी।
यह परीक्षा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की परख इकाई और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सोलन के संयुक्त तत्वावधान में कराई जा रही है। जिले के 18 स्कूलों को इस अध्ययन के लिए रैंडम तरीके से चुना गया है। प्रत्येक चयनित स्कूल से चौथी कक्षा के 12 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। 45 मिनट की इस परीक्षा का आयोजन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया गया, जिसमें टैबलेट के जरिए विद्यार्थियों के जवाब दर्ज किए गए। परीक्षा के दौरान बच्चों के साक्षरता और संख्यात्मक कौशल का आकलन किया गया। इसका उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा के स्तर की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और भविष्य में शैक्षिक सुधारों के लिए ठोस आधार तैयार करना है। इस अध्ययन को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2026-27 तक सार्वभौमिक प्रवीणता के लक्ष्य से भी जोड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के आकलन से शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को फील्ड निरीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। इन प्रशिक्षुओं को परीक्षा से पहले डाइट जुखाला में विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष और सुचारू रूप से पूरी हो सके।