बरठीं पाठशाला में बच्चों को वन विभाग के कर्मचारी आग से बचाव को लेकर जागरूक करते हुए। स्त्रोत
बरठीं पाठशाला में बच्चों को किया जागरूक
जंगलों में आग लगाने पर सजा का प्रावधान
पंचायतों, सामाजिक संगठनों से मांगा सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश वन विभाग के बिलासपुर वन मंडल ने जन जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बरठीं पाठशाला में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर स्कूली बच्चों को वनों के महत्व और आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि वन प्राकृतिक संपदा हैं और जंगलों में आग लगने से पर्यावरण, वन्य जीव जंतु और मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। आग से पशुओं के लिए चारे की कमी हो जाती है जबकि अनेक जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाता है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जानबूझकर जंगलों में आग न लगाएं। यदि किसी कारण आग लग जाती है तो स्थानीय लोगों की सहायता से उसे बुझाने का प्रयास करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। इसके अलावा असामाजिक तत्वों की ओर से आग लगाने की घटनाओं की जानकारी देकर कानूनी कार्रवाई में सहयोग करने को कहा गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत जंगल में आग लगाने पर छह माह तक की सजा हो सकती है। वहीं सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कम से कम एक वर्ष की सजा का प्रावधान है। वन मंडल बिलासपुर ने ग्राम पंचायतों, महिला मंडलों, वन समितियों और सामाजिक संगठनों से जंगलों को आग से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। विभाग ने सभी नागरिकों से वनों की सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया है।