बिलासपुर से गुजरते फोरलेन पर सुबह के समय लाइट जलाकर निकलती गाड़ियां। संवाद
शहर में चालकों को सुबह हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में धुंध के प्रकोप से ठिठुरन बढ़ गई है। बढ़ती ठंड के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। शहर में वाहन चालकों को सुबह के समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धुंध से वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई है।
गोबिंद सागर झील के किनारे बसे बिलासपुर शहर में लोगों को दिसंबर से फरवरी माह तक धुंध का सामना करना पड़ता है। इसके कारण शिक्षण संस्थानों और सुबह ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। शहर में लोगों को अभी 11:00 बजे सूर्यदेव के दर्शन हो रहे हैं। धीरे-धीरे यह समय बढ़ता रहेगा। शहर में दोपहिया चालकों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि धुंध में बाइक या स्कूटर चलाना बहुत ही मुश्किल होता है। गोबिंद सागर झील में लोग सुबह वोट से आरपार जाते हैं। झील दोपहर तक धुंध से ढकी रहती है। फोरलेन पर भी अब चालकों को धुंध में लाइटों को प्रयोग करना पड़ रहा है। धुंध से विजिबिलिटी बहुत ही कम होती है। इस कारण हादसों का खतरा बना रहता है। बुधवार को जिले में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जाएगा, जिससे ठंड बढ़ेगी। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है वैसे ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। जिले के कुछ क्षेत्रों में कोहरा पड़ना भी शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ी है।
बिलासपुर से गुजरते फोरलेन पर सुबह के समय लाइट जलाकर निकलती गाड़ियां। संवाद