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Bilaspur News: आसमान छू रही उड़ान, साइट तक पहुंचने को कच्ची राह

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बंदला पैराग्लाइडिंग साइट को जाने वाली सड़क। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट
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बंदला पैराग्लाइडिंग साइट की 800 मीटर सड़क बदहाल, नहीं हुई टारिंग
बारिश में कीचड़-गड्ढों से बढ़ रही परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बंदला तक करीब 800 मीटर सड़क तो पहुंच गई, लेकिन पांच साल बाद भी इसके पक्के होने का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। पर्यटन और पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब पांच साल पहले साइट तक सड़क निकाली गई थी। सड़क बनने से स्थानीय लोगों, पैराग्लाइडिंग से जुड़े लोगों और पर्यटकों को साइट तक पहुंचने में राहत मिली, लेकिन सड़क को पक्का करने की कवायद आगे नहीं बढ़ पाई। अब ग्रामीण सड़क को स्थायी तौर पर पक्का करने की मांग उठा रहे हैं।
इन दिनों बंदला पैराग्लाइडिंग साइट पर एसआईवी कोर्स भी चल रहे हैं। इससे प्रशिक्षुओं, विशेषज्ञों और पैराग्लाइडिंग से जुड़े अन्य लोगों की आवाजाही बनी हुई है। पर्यटक भी पैराग्लाइडिंग देखने और बंदला घूमने पहुंचते हैं। इसके बावजूद साइट तक जाने वाली सड़क की हालत इन गतिविधियों के अनुरूप नहीं है। सड़क कई जगह से उखड़ी हुई है और बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है।
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स्थानीय निवासी विक्रम ठाकुर, पंकज, देवीराम, सुरजीत, बालकराम, अभिषेक और विशाल ने बताया कि सड़क बनने के बाद उम्मीद थी कि इसे जल्द पक्का कर दिया जाएगा। पहले साइट तक पहुंचने में काफी परेशानी होती थी। अब वाहन तो पहुंच जाते हैं, लेकिन कच्ची और खस्ताहाल सड़क के कारण समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बारिश के दौरान कीचड़ और गड्ढों के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की समस्या उपायुक्त के समक्ष भी उठाई गई थी। इसके बाद सड़क के कुछ हिस्से में मरम्मत करवाई गई, जिससे फिलहाल वाहनों की आवाजाही हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत से तत्काल राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान सड़क को पक्का करना ही है। बार-बार मरम्मत के बजाय सड़क का उचित निर्माण किया जाना चाहिए।
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बंदला पैराग्लाइडिंग साइट की पहचान प्रमुख पैराग्लाइडिंग स्थलों के रूप में बनी है। यहां होने वाली गतिविधियों को देखने और अनुभव करने के लिए बाहर से भी लोग पहुंचते हैं। पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय टैक्सी संचालकों, ढाबा संचालकों और छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि साइट तक सड़क बेहतर होने से पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ावा मिल सकता है।
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