प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी से सटे बढारण गांव के जंगल में रविवार को अचानक आग लग गई। आग की इस घटना में लाखों रुपये की वन संपदा के राख होने की आशंका जताई जा रही है। आग की लपटें इतनी भयंकर थी कि आग बुझाने में अग्निशमन कर्मचारियों को घंटों का समय लग गया।
दोपहर लगभग दो बजे ही आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, साथ लगते घरों तक आग को पहुंचने नहीं दिया गया। नयना देवी के अग्निशमन कर्मचारी डीएस भाटिया नेे बताया कि बिलासपुर में किसी ने आग लगने की जानकारी दी थी।
सूचना मिलते ही रविवार सुबह नयना देवी के अग्निशमन के सभी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच गए और आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया। उनके अनुसार, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
वन संपदा को काफी मात्रा में नुकसान पहुंचा है। हालांकि, जंगल से सटे रिहायशी इलाकों तक आग को पहुंचने नहीं दिया गया। लोगों के घरों को जलने से बचा लिया गया है।