जुखाला कॉलेज में विज्ञान, वाणिज्य संकाय बंद करने के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होने से यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सरकारी महाविद्यालय जुखाला में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की कक्षाएं बंद किए जाने के विरोध में हुए आंदोलन ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-205 को बाधित करने के आरोप में पुलिस ने कई पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 जून को डाइट चौक गसौड़ जुखाला में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और विद्यार्थी कॉलेज में बंद किए गए विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर एकत्रित हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर यातायात प्रभावित हुआ। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर या मार्ग अवरुद्ध कर यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न की, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी आधार पर थाना बरमाणा में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। एफआईआर में ग्राम पंचायत जुखाला के प्रधान हरी राम, पंचायत पंजैल खुर्द की प्रधान ममता धीमान, पंचायत निहारखन बासला की प्रधान रीना देवी, पूर्व बीडीसी सदस्य नीवा देवी, पूर्व बीडीसी सदस्य रूपेश भट्टी, अमर सिंह, रोशन लाल ठाकुर तथा पूर्व प्रधान सत्यदेव शर्मा सहित अन्य लोगों का उल्लेख किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने कहा कि इस संबंध में केस दर्ज किया गया है। रोड जाम होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी। जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।