बिलासपुर (रामपुर)। शुक्रवार शाम को जिले की बिलासपुर तहसील में घुसे टिड्डी दल से फसलों को बचाने के लिए 24 घंटे से लगातार कार्रवाई चल रही है। प्रशासनिक, गन्ना और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ चीनी मिलों की टीमें और अग्निशमन विभाग के कर्मी वाहनों के साथ लगातार टिड्डी दल वाले क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे। यहां दवा का छिड़काव, शोर, आतिशबाजी आदि से टिड्डी दल को भगाने में डटे हुए हैं। इस दौरान टीमों ने आठ मांउटेड स्प्रे मशीनों से छिड़काव किया तो वहीं दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी प्रयोग किया गया।
शुक्रवार की शाम बरेली जिले की ओर से टिड्डियों के दल ने बिलासपुर क्षेत्र के गांव बीहट, मनुआपट्टी, करतारपुर, हजरतपुर, सुआनगला, लखीमपुर, आकिलपुर उर्फ बदनपुरी, मंगतपुर, खाता, गोधी, बिढ़वानगला आदि गांवों के जंगल में प्रवेश कर दिया था। रामपुर और बरेली जिले के संयुक्त गांवों टिड्डियों से निपटने को सभी गांवों के किसान निजी संसाधनों के साथ जंगल में मुस्तैद थे। वहीं, बरेली जिले की तहसील बहेड़ी और रामपुर के अधिकारी भी ग्रामीणों के साथ जंगल में टिड्डियों को भगाने के प्रयास करने में लगे थे।
रामपुर से जिला कृषि अधिकारी चंद्रगुप्त सागर, जिला गन्ना अधिकारी हेमराज सिंह के साथ बिलासपुर तहसील के तहसीलदार अशोक कुमार सिंह, नायब तहसीलदार अमरपाल सिंह, राजस्व कर्मियों और दो फायर बिग्रेड की गाड़ियों के साथ पूरे दिन जंगल में डटे रहे। इस दौरान टीमों ने आठ मांउटेड स्प्रे मशीनों से छिड़काव किया तो वहीं दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी प्रयोग किया गया। कृषि, गन्ना और प्रशासनिक अमले के साथ चीनी मिल की टीम के संयुक्त प्रयासों के बाद भी टिड्डी दल क्षेत्र में ही मंडराता रहा। अधिकारियों ने टिड्डियों को भगाने के लिए कीटनाशक का स्प्रे कराया और किसानों ने खेतों में ट्रैक्टर और बाइकों के साइलेंसर निकालकर आवाजें भी की, मगर टिड्डियां भागने के बजाय पेड़ों आदि पर बैठ गईं और आसमान में मंडराती रहीं। पूरे दिन जंगलों में किसानों के साथ ही दोनों जिलों के अधिकारी अपने कई संसाधनों के साथ जुटे रहे। अधिकारी टिड्डियों को सीमांत प्रदेश उत्तराखंड की तरफ भगाने की योजना भी बनाते रहे, मगर योजना कामयाब नहीं हुई। क्षेत्रीय किसानों ने टिड्डी दल के हमले में फसलों को काफी नुकसान की बात कही है।