- समोह में श्री शिव महापुराण कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विधानसभा क्षेत्र झंडूता के समोह कस्बे में चल रही श्री शिव महापुराण कथा में कथावाचक पंडित सुरेश भारद्वाज ने महाशिवरात्रि व्रत की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन यदि कोई भी जीव अनायास ही व्रत करता है तो उसे निश्चित तौर पर उसका फल मिलता है।
उन्होंने बताया कि सृष्टि के आदि काल में ब्रह्मा और विष्णु आपस में युद्ध करने लगे। इस दौरान दोनों के बीच में कीर्तिमान स्तंभ के रूप में भगवान शिव शंकर प्रकट हुए। इस स्तंभ की खोज करने को ब्रह्मा हंस बनकर स्वर्ग चले गए और विष्णु भी अन्य रूप धारण कर पाताल चले गए। सैकड़ों साल तक इन दोनों ने वहां घोर तपस्या की, लेकिन वहां पर कोई उन्हें न आरंभ मिला और न ही आदि। फिर दोनों स्तंभ स्थान पर आ गए। उन्होंने बताया कि इस दौरान ब्रह्मा ने झूठ कहा कि उन्होंने इसका अंत पा लिया है। इतने में स्तंभ फाड़कर महादेव शंकर प्रकट हुए और उन्होंने झूठ बोलने पर ब्रह्मा का एक सिर काट दिया। शंकर के रौद्र रूप एवं क्रोध को देखकर ब्रह्मा विष्णु ने प्रार्थना की और शंकर पिंडी रूप में बन गए। शंकर भगवान ने कहा कि आज का दिन शिवरात्रि से प्रख्यात होगा और लोग शिवलिंग की पूजा करेंगे। उस दिन से महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है। कथा समापन के बाद भजन-कीर्तन हुआ और प्रसाद भी वितरित किया गया।