-जिले में 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर की जाती है गेहूं की खेती
-सिर्फ 6500 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा, बाकी बारिश पर निर्भर
-सिंचाई युक्त क्षेत्र में किसान कर चुके हैं बिजाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बारिश न होने जिले में गेहूं की बिजाई का उपयुक्त समय निकलता जा रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। समय पर बिजाई न होने से गेहूं पैदावार कम होगी।
जिले में गेहूं की बिजाई के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। गेहूं की बिजाई के लिए 20 नवंबर तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है लेकिन बारिश न होने से किसान बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि जिले में अधिकतर गेहूं की बिजाई बारिश पर निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार बिजाई करने के लिए अनुकूल समय लगभग निकल चुका है। अगर अगले चार से पांच दिनों में बारिश नहीं होती है तो किसानों की समस्या बढ़ जाएगी। बताते चलें कि जिले में 31,878 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इसमें से 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई होती है। जिले में 57,422 परिवार कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। जिले में 6500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। यह कृषि भूमि का करीब 25 प्रतिशत क्षेत्र है। शेष 75 प्रतिशत क्षेत्र की खेती वर्षा पर निर्भर है। सिंचाई युक्त क्षेत्र में तो किसानों ने बिजाई कर दी है और अभी कर भी रहे हैं। लेकिन गैर सिंचित क्षेत्र में किसान बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों में प्रेमलाल, सुभाष, संजीव, शंकर ठाकुर, प्रकाश, रामदास, महेंद्र ठाकुर, राजपाल, गोपाल शर्मा, रामलोक, राजकुमार, किशोरी लाल सहित अन्य ने बताया कि बिजाई के लिए उपयुक्त समय निकला जा रहा है। किसानों का कहना है कि उपयुक्त समय पर बुवाई करने से अच्छी पैदावार प्राप्त होती है। किसानों ने बुवाई के लिए बीज खरीद लिया है और खेत तैयार कर लिए हैं। केवल अब बारिश का इंतजार वह कर रहे हैं।
उधर, कृषि विशेषज्ञ डॉ. गौरव ने बताया कि बारिश न होने से किसान बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। आगामी कुछ दिनों में भी बारिश के आसार नहीं दिख रहे हैं। 20 नवंबर तक गेहूं की बिजाई के लिए सबसे अनुकूल समय होता है। उन्होंने बताया कि यदि बिजाई में देरी होती है तो ऐसा बीज भी उपलब्ध होता है जिसका देरी से बिजाई करने पर भी पैदावार में प्रभाव नहीं पड़ता है।