फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऋषिकेश में बेसहारा पशुओं का डेरा, लोग हो रहे परेशान

विज्ञापन
बिलासपुर के ऋषिकेश में लगा बेसहारा गोवंश का जमावड़ा। संवाद - फोटो : BILASPUR
विज्ञापन
ऋषिकेश (बिलासपुर)। झंडूता के ऋषिकेश में बेसहारा पशुओं की समस्या सिरदर्द बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गोशाला ले जाने की मांग की है।
विज्ञापन

ऋषिकेश क्षेत्र में बेसहारा पशु झुंड के रूप में सड़क, निर्माणीधीन फोरलेन और सार्वजनिक स्थलों पर बैठे और घूमते रहते हैं। बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहने से ग्रामीण खासे परेशान हैं। स्कूल के बच्चों को या अन्य ग्रामीणों को रास्तों और सड़कों से गुजरना मुश्किल हो गया है। जहां पशुओं का जमावड़ा होता है, वहां से लोगों को एक-दूसरे के सहारे निकलना पड़ता है। इसके अलावा लोगों को फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
लोगों को दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में करीब 100 से ज्यादा बेसहारा पशु घूम रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गोशाला ले जाने की मांग की है।
विज्ञापन

नीयत हो तो, समाधान संभव
बसंत सिंह ने कहा कि फसलों को बचाना मुश्किल हो गया है। इसके चलते रात को पहरा देना पड़ता है। बेसहारा पशुओं को हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना प्रशासन के लिए कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं, लेकिन अधिकारियों की इस समस्या को दूर करने के प्रति नियत होनी चाहिए।
निगरानी रखने की व्यवस्था करें
विनोद कुमार ने कहा कि बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। प्रशासन को क्षेत्र में निगरानी रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। जो पशु छोड़ता पकड़ा जाए उस पर जुर्माने के साथ सजा का प्रावधान होना चाहिए। तब लोग ऐसा करने से डरेंगे।
सड़कों पर पशुओं का डेरा
बेला सिंह ने कहा कि जब वह सुबह घूमने के लिए जाते हैं तो भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पशु सड़कों पर बैठे होते हैं। वहां से निकले के लिए जगह भी नहीं होती है। सड़कों पर पूरी तरह इन पशुओं का जमावड़ा रहता है। प्रशासन समस्या को हल्के में लेकर आमजन के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है।
गोवंश सड़कों पर धक्के खाने के लिए मजबूर
ध्रुव सूर्या ने कहा कि सड़क पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा इतना होता है कि दोपहिया वाहन को निकलने के जगह नहीं होती है। जमीनी स्तर पर गोवंश के संरक्षण को लेकर कोई प्रयास नहीं हुए। गोवंश सड़कों पर धक्के खाने के लिए मजबूर हैं। इसके कारण रोजाना लोग घायल हो रहे हैं।
एसडीएम झंडूता कुलदीप पटियाल ने कहा कि संबंधित विभाग से इस बारे में बात की जाएगी। जल्द ही ऋषिकेश क्षेत्र में घूम रहे बेसहारा पशुओं को गोशाला भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें