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Bilaspur News: मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का हमला, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

Sat, 02 Aug 2025 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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ग्राम पंचायत बड़गांव में किसानों की मक्की की फसल पर फाॅल आर्मी वर्म कीट से हुए नुकसान को दिखाते
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बड़गांव पंचायत के कई गांव प्रभावित, दवा न मिलने से किसान परेशान
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मक्की की पत्तियां, भुट्टे दोनों नष्ट होने से किसानों फसल हो रही खराब

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़गांव के किसानों की मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म ने हमला बोल दिया है। बड़गांव, कुरमाडा, गट्टी, फटोह, हवानी, बेहड़ा, जरल व उंडा गांव में इस कीट के प्रकोप से फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि मक्की की पत्तियां और भुट्टे दोनों नष्ट हो रहे हैं, जिससे उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है।
किसानों में सुनीत सिंह, जगदीप चंदेल, सुरेश चंदेल, केवल सिंह चंदेल, हरि बल्लभ चंदेल, बालकिशन रणवीर सिंह, सुशील कुमार, रतन लाल भारद्वाज, जमीत सिंह व अविनाश सहित अन्य ने बताया कि इस कीट की सूंडी अवस्था विशेष रूप से पत्तियों, गोभ और तने को नुकसान पहुंचा रही है। शुरू में यह पत्तों पर छोटे-छोटे छिद्र बनाता है और बाद में गर्भ के अंदर छिपकर पौधों को अंदर से खोखला कर देता है। परिणामस्वरूप पौधा फल देने योग्य नहीं रह जाता। किसानों ने बताया कि पहले वे जमीन के नीचे लगने वाले कीड़ों और बालों से फसल को बचा चुके थे, लेकिन अब इस नए कीट के प्रकोप ने भारी नुकसान कर दिया है। उन्होंने बताया कि पंचायत में कृषि उत्पादक सहकारी समिति का गठन किया गया था, जिसमें 173 किसानों ने दो-दो हजार रुपये की सदस्यता ली थी। समिति के माध्यम से खाद, बीज, दवा और कृषि उपकरण उपलब्ध करवाने का वादा किया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने पर भी किसानों को कोई सुविधा नहीं मिली। इस पर सहकारी सभा के सचिव राजेश गौतम ने कहा कि अभी तक समिति का लाइसेंस नहीं बना है। लाइसेंस बनने के बाद किसानों को सभी आवश्यक कृषि सुविधाएं दी जाएंगी।
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उधर कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी डॉ. सीमा शाह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। फिलहाल उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि फाॅल आर्मी वर्म की रोकथाम के लिए किसान 5 मिली. कोराजेन को 15 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करें। इसके अतिरिक्त 30 मिली. क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी या 7-8 ग्राम इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी को 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से भी कीट पर नियंत्रण पाया जा सकता है। बताते चलें कि मक्की से होने वाली आय पर यहां के अधिकांश किसान अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं। लेकिन कीट के इस हमले से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। किसानों ने सरकार व कृषि विभाग से तुरंत दवा उपलब्ध करवाने और फसल बचाने की मांग की है।
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