सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
आज से उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 21 अगस्त तक चलेंगे मेले
400 सुरक्षा कर्मियों और 500 सेवा दल सदस्यों की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में वीरवार से श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है। 13 से 21 अगस्त तक चलने वाले मेलों के लिए मंदिर न्यास, नगर परिषद और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के मां के दरबार में पहुंचने की उम्मीद है। पूरे नयना देवी नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है, जबकि बाजारों में दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं।
मेले के दौरान मंदिर के कपाट रात 12 बजे से सुबह दो बजे तक बंद रहेंगे। इस दौरान सायंकालीन आरती, शयन आरती, मंगल आरती और प्रातःकालीन शृंगार आरती करवाई जाएगी। इसके बाद रात दो बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। दोपहर 12 से 12:30 बजे तक आरती के दौरान कपाट बंद रहेंगे। मंदिर के अंदर कड़ाह प्रसाद और नारियल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। भीड़ पर नजर रखने के लिए एडवांस कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जहां से विभिन्न स्थानों की निगरानी कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। मेले के दौरान एडीसी रूपिंद्र कौर मेला अधिकारी और एएसपी प्रताप सिंह को मेला पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 400 कर्मचारी तैनात रहेंगे, जबकि 500 सेवा दल सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा में चप्पे-चप्पे पर मौजूद रहेंगे। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एसडीएम धर्मपाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए न्यास ने हरसंभव प्रबंध किए हैं।
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150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
नयना देवी से कोलांवाला टोबा तक 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से मेले के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। मेले को नौ सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में मेला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे। कुल 18 सेक्टर अधिकारी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। भीड़ अधिक होने पर करीब 200-200 श्रद्धालुओं के जत्थे बनाकर दर्शन के लिए भेजे जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए छह बैरिकेड भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकासी की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को निकासी मार्ग और फ्लाईओवर के रास्ते मंदिर तक पहुंचाया जाएगा, जबकि वापसी के लिए पौड़ियों वाले मार्ग का इस्तेमाल किया जाएगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए न्यास की ओर से क्यूआरटी वाहन भी उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों के विश्राम के लिए न्यास स्टेडियम में वर्षारहित टेंट और जर्मन हैंगर की व्यवस्था की गई है। अस्थायी स्वास्थ्य उपकेंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जबकि अस्पताल 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध करवाएगा।
नगर परिषद और मंदिर न्यास की ओर से सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। न्यास ने 100 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात किए हैं, जो नियमित रूप से सफाई के साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करेंगे। नगर परिषद की ओर से जगह-जगह डस्टबिन लगाए गए हैं। मंदिर न्यास अध्यक्ष धर्मपाल ने दुकानदारों को रास्तों पर सामान न फैलाने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि रास्तों को बाधित करने वाली दुकानों को हटाया गया है। दोबारा रास्ते घेरने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुलियों को पहचान पत्र और नगर परिषद की ओर से जारी टोकन साथ रखने तथा निर्धारित दरों पर ही सामान ढोने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग के अधिकारी कृष्ण कुमार गुलेरिया ने बताया कि मेले के दौरान पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन करीब 15 लाख लीटर पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभाग के करीब 30 कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। सभी लंगरों को अस्थायी पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे और आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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तीन 11केवी सप्लाई से होगी बिजली व्यवस्था
विद्युत विभाग के सहायक अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि मेले के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने के लिए 25 कर्मचारी दिन-रात तैनात रहेंगे। नयना देवी में तीन 11 केवी सप्लाई उपलब्ध रहेगी। ग्वालथाई से आने वाली 11केवी लाइन को स्टैंडबाई रखा गया है, जिसे आपात स्थिति में चालू किया जा सकेगा।
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सुबह सात से शाम सात बजे तक चलेगा रज्जुमार्ग
रज्जुमार्ग प्रशासन ने भी श्रावण अष्टमी मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी रज्जुमार्ग सुबह सात से शाम सात बजे तक संचालित रहेगा। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था यथावत रखी गई है।
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श्रावण अष्टमी मेले के दौरान नयना देवी में जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए लंगर संचालकों में उत्साह है। विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर यात्रियों को भोजन करवाने की व्यवस्था की गई है। मंदिर न्यास अध्यक्ष धर्मपाल ने कहा कि सभी अस्थायी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए सेवा भावना से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।