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Bilaspur News: बलिदानी अंकेश भारद्वाज की चौथी पुण्यतिथि पर नम हुईं आंखें

Mon, 09 Feb 2026 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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बलिदानी अंकेश भारद्वाज को उनकी पुण्यतिथी पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे सेना के जवान और अन्य। संवाद
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तिरंगा फहराने के साथ लगे अंकेश भारद्वाज अमर रहे के नारे
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स्क्वाड्रन लीडर मोनिका वशिष्ठ ने दी सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। हिमाचल की मिट्टी के वीर सपूत और सेऊ गांव के लाडले बलिदानी अंकेश भारद्वाज की शहादत की चौथी पुण्यतिथि पर पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। घुमारवीं उपमंडल के तहत आयोजित इस बलिदान दिवस कार्यक्रम में जहां पूर्व सैनिकों ने बलिदानी को सशस्त्र सलामी दी, वहीं परिजनों और ग्रामीणों की आंखों से बहती अश्रुधारा ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
मुख्यातिथि के रूप में पहुंचीं भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर मोनिका वशिष्ठ ने बलिदानी की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने भारतीय सेना के पराक्रम और बलिदान की सराहना की। कहा कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा और सम्मान की प्रतीक है। हमारी सेना विश्व की सबसे साहसी और अनुशासित सेनाओं में गिनी जाती है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिक कभी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते। चाहे बर्फ से ढके पहाड़ हों, तपते रेगिस्तान हों या घने जंगल, हर जगह हमारे जवान अद्भुत साहस का परिचय देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि आपदा के समय भी देशवासियों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहती है। बाढ़, भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सेना ने अपनी जान जोखिम में डालकर अनेक लोगों की जान बचाई है। यह उनकी सेवा भावना और मानवता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अंकेश भारद्वाज ने बहुत कम उम्र में देश सेवा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके साथ पहुंची 1-जैक राइफल्स की टुकड़ी ने सैन्य परंपरा के अनुसार अपने हथियार उल्टे कर (रिवर्स आर्म्स) बलिदानी वीर को सलामी दी। तिरंगा फहराने के साथ ही पूरा वातावरण अंकेश भारद्वाज अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
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अंकेश की मां कश्मीरी देवी बेटे की तस्वीर देख भावुक हो उठीं, पिता बांचा राम की आंखों में उसी तस्वीर को देखकर गर्व हो रहा था। इस दौरान स्कूली बच्चों ने नाटकों और गीतों के जरिए अंकेश की जीवनी और साहस को दर्शाया। एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने प्रशासनिक स्तर पर बलिदानी परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। श्रद्धांजलि के दौरान सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब बलिदानी की माता कश्मीरी देवी अपने बेटे को याद कर बेसुध सी हो गईं। उनकी आंखों से बहते आंसू उस मां के दर्द को बयां कर रहे थे जिसने अपना लाल देश के लिए न्योछावर कर दिया। पिता बांचा राम भी अपने बेटे की यादों में डूबे नजर आए। उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर वीर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, वीर चक्र विजेता रूप लाल, गलवान बलिदानी अंकुश ठाकुर के पिता सूबेदार अनिल ठाकुर, वेटरन कैप्टन बालकराम, कर्नल अत्री (सेना मेडल), सूबेदार मेजर भूपेंद्र सिंह, और नायब सूबेदार संतोष भारद्वाज सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

बलिदानी अंकेश भारद्वाज को उनकी पुण्यतिथी पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे सेना के जवान और अन्य। संवाद

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