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Bilaspur News: नेत्रदान महादान, एक दाता दो लोगों को दे सकता है रोशनी

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कलोल पॉलीटेक्निक में जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को बताया नेत्रदान का महत्व और आंखों की देखभाल के तरीके
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई(बिलासपुर)। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत शनिवार को पॉलीटेक्निक कॉलेज कलोल में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य सुधीर कुमार ने की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खंड झंडूता के खंड चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल भारद्वाज के निर्देश पर सूचना, शिक्षा एवं संप्रेषण ब्यूरो की ओर से आयोजित शिविर में स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार और कमल कुमार ने विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व और आंखों की देखभाल के बारे में जानकारी दी।
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स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा प्रतिवर्ष 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए प्रेरित करना और कॉर्निया अंधेपन के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि इससे दृष्टिहीन व्यक्ति को दुनिया देखने का अवसर मिल सकता है। मृत्यु के चार से छह घंटे के भीतर नेत्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उम्र, लिंग या चश्मा लगाने से नेत्रदान पर कोई रोक नहीं है। मोतियाबिंद की सर्जरी करवा चुके और मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग भी कॉर्निया दान कर सकते हैं। एक कॉर्निया दाता दो लोगों को दृष्टि प्रदान करने में मदद कर सकता है। हालांकि एड्स, हेपेटाइटिस बी और सी, रेबीज, सेप्टीसीमिया, ल्यूकेमिया, हैजा, टिटनेस और मेनिनजाइटिस जैसी कुछ संक्रामक बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति नेत्रदान नहीं कर सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को नेत्रदान के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि विश्व में पहला सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण वर्ष 1905 में हुआ था, जबकि भारत में पहला नेत्र बैंक 1945 में चेन्नई में स्थापित किया गया था। भारत में पहला सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण वर्ष 1960 में इंदौर में किया गया था। स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने आंखों की देखभाल के बारे में बताया कि लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव पड़ सकता है। इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाना चाहिए। इसके तहत हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड का ब्रेक लेकर कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों का सेवन करने की सलाह भी दी। शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए चार्ट प्रतियोगिता भी करवाई गई। इसमें अंकित ठाकुर ने पहला, अभिषेक राणा ने दूसरा और ललित ठाकुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
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