74 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, जांच की सटीकता और मरीजों की सुरक्षा पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चिकित्सा प्रयोगशालाओं में जांच रिपोर्ट की सटीकता सुनिश्चित करने और जांच प्रक्रिया को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाने के लिए एम्स बिलासपुर में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय मरीज सुरक्षा सचिवालय (एनपीएसएस) और राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) ने एम्स के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें हिमाचल प्रदेश के आठ चिकित्सा संस्थानों के 74 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में चिकित्सा प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। प्रशिक्षण का मुख्य विषय आईएसओ 15189:2022 के तहत चिकित्सा प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता और दक्षता की आवश्यकताएं रहा। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय प्रत्यायन मानकों के पालन और जांच प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने के तरीकों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, राष्ट्रीय मरीज सुरक्षा सचिवालय से डॉ. माधुरी डब्ल्यू बरसागड़े, हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी और एनएबीएल के निदेशक पंकज जौहरी सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. अर्चना कुमारी, एनएबीएल की संयुक्त निदेशक गायत्री और सहायक निदेशक बिंदु माधव ने भी तकनीकी विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों, प्रयोगशाला तकनीशियनों और रेडियोलॉजी तकनीशियनों ने भाग लिया। उन्हें एनएबीएल प्रत्यायन की महत्ता, प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता बनाए रखने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों की जानकारी दी गई।
एम्स के अधिकारियों ने भी की सहभागिता
कार्यक्रम में एम्स बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा, रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं अनुसंधान अधिष्ठाता डॉ. नरवीर सिंह और मरीज सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. श्री राम पोथाप्रेगडा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन और संचालन की जिम्मेदारी जैव रसायन विभाग की टीम ने संभाली। इसका उद्देश्य चिकित्सा प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता मजबूत करने के साथ मरीजों को सुरक्षित एवं विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना रहा।