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ज्यादातर छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा नहीं : रामलाल

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बिलासपुर। श्री नयना देवी जी के विधायक राम लाल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से ली जा रही परीक्षाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 22 मार्च को लॉक डाउन के चलते तुगलकी फरमान से होस्टलों में रह रहे छात्रों को 20 घंटे में जाने के आदेश दिए थे। आनन-फानन में छात्र जैसे-तैसे अपने घरों में पहुंचे। कोविड-19 के चलते छात्र न तो विश्वविद्यालय जा पाए और न ही पढ़ाई सुचारू रूप से कर पाए।
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उन्होंने कहा कि बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों ने सदन में मांग की कि इस सत्र को जीरो सत्र घोषित किया जाए। लेकिन जीरो सत्र घोषित करना तो दूर, विश्वविद्यालय में नए तुगलकी निर्देशों के अनुसार मध्य सेमेस्टर की परीक्षाएं रख भी दी हैं। छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है कि उनको परीक्षाएं देनी ही पड़ेंगी। जबरदस्ती परीक्षाओं करवाने को लेकर छात्रों और अभिभावकों का मनोबल टूटने लगा है।
रामलाल ने कहा कि उनकी कई छात्रों से बात हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई नहीं करवाई गई। न तो उनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के साधन थे और न ही ठीक से इंटरनेट कनेक्टिविटी थी।
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रामलाल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को समझना चाहिए कि उनके यहां पर केवल शहरी क्षेत्र का विद्यार्थी ही नहीं पढ़ता बल्कि वहां पर दुर्गम क्षेत्रों से भी बहुत संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। जबरदस्ती परीक्षाएं लेने से बच्चे दबाव में हैं। अगर किसी बच्चे ने कोई गलत कदम उठाया तो उसकी जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिक्षा सचिव, शिक्षा मंत्री या फिर प्रदेश सरकार में से किसकी होगी? राम लाल ठाकुर ने कहा कि जब रेगुलर बच्चों की क्लासेस ही महाविद्यालयों में लगी नहीं तो बच्चे परीक्षाओं में क्या लिखेंगे।
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