शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई की दो धर्मशालाओं में बने क्वारंटाइन केंद्रों में मंगलवार को 52 लोग हो गए हैं। तलाई पुलिस ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति को क्वारंटाइन केंद्र भेजा है। तलाई स्थित क्वारंटाइन केंद्र में रखे दूसरे जिलों के लोगों की प्रशासन खूब मेहमानबाजी करने में जुटा है। धर्मशालाओं में खुला माहौल होने के साथ सभी सुविधाएं शौचालय, स्नानागार, हवादार कमरे के साथ प्रशासन ने मंदिर न्यास भवन के लंगर हाल में भोजन बनाने की व्यवस्था की है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए सभी को सोने के लिए एक मीटर की दूरी रख कर बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।
उधर, बद्दी से पैदल अपने घर जाने के लिए निकले भतवाड़ निवासी सुरजीत कुमार, अरड़ोह निवासी कृष्ण गोपाल, जौजर निवासी अजय कुमार ने बताया कि वह घर जा रहे थे लेकिन, तलाई में कर्फ्यू के उल्लंघन के कारण क्वारंटाइन केंद्र आना पड़ा है।
शिविर में प्रशासन हमारी खूब मेहमानबाजी कर रहा है। दिन में तीन समय हमें स्वादिष्ट भोजन दिया जा रहा है। पंकज कौशल डाडासीबा, सोम प्रकाश वनखंडी, लेखराज कबाड़ी ने बताया कि वह बद्दी में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, कंपनी बंद हो गई। जब वह क्वार्टरों में रहने लगे तो महंगाई आसमान पर पहुंचने लगी। रोजी-रोटी के लाले पड़े तो पैदल ही घर के लिए निकल पड़े थे। उन्होंने बताया कि घर में तो हम पहुंच नहीं पाए लेकिन, शिविर में प्रशासन की ओर से हमें सोने के लिए पर्याप्त वस्त्र के साथ समय पर भोजन दिया जा रहा है। इतना ही नहीं समय-समय पर डॉक्टर हमारे स्वास्थ्य की जांच करने में लगे हैं। उधर, उपतहसील कलोल के नायब तहसीलदार रमेश धीमान ने बताया कि क्वारंटाइन केंद्र तलाई में 52 लोगों की संख्या हो गई है। सरकार के आदेशों के अनुसार 14 दिनों तक यहीं रखा जाएगा तथा रिलीफ कैंपों में सभी मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।