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हर आठ मिनट में बीमारी से होती है एक महिला की मौत : विशेषज्ञ

Thu, 20 Feb 2025 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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जेएनवी कोठीपुरा में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते एम्स बिलासपुर के प्रसू
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जेएनवी कोठीपुरा में छात्राओं को किया सर्वाइकल कैंसर पर जागरूक
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- प्रजनन स्वास्थ्य और निवारक रणनीतियों पर छात्राओं से की चर्चा
-एचपीवी वायरस के खिलाफ टीकाकरण और नियमित जांच की दी जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा की छात्राओं के लिए गर्भाशय ग्रीवा कैंसर पर जागरुकता शिविर लगाया गया। एचपीवी वायरस, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, टीकाकरण और प्रारंभिक जांच के बारे में जागरुक करने के लिए इसे लगाया गया।
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विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग द्वारा एमबीबीएस छात्र परियोजना के तहत वित्त पोषित है। बताया कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर दुनिया भर में महिलाओं की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है। भारत में यह समस्या और भी गंभीर है, क्योंकि दुनिया के कुल मामलों में से लगभग 1/5 मामले भारत में पाए जाते हैं। ग्लोबोकॉन 2022 के अनुसार भारत में यह महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है, और हर आठ मिनट में एक महिला इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा देती है। कार्यक्रम में एम्स बिलासपुर के सीएफएम विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. मीनल मधुकर ठाकरे ने प्रजनन स्वास्थ्य और निवारक रणनीतियों पर चर्चा की। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरप्रीत कौर ने एचपीवी वायरस और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के बीच संबंध को समझाया। उन्होंने बताया कि एचपीवी वायरस के खिलाफ टीकाकरण और नियमित जांच से इस बीमारी को पूरी तरह से रोका जा सकता है। उन्होंने दो टीके जिंदगी के स्लोगन का उल्लेख करते हुए कहा कि 9-14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस छात्रा धवनी ने भी छात्राओं से संवाद किया और उन्हें एचपीवी टीकाकरण की प्रक्रिया और लाभ के बारे में बताया। इस सत्र से 9-14 वर्ष की 120 छात्राओं ने भाग लेकर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे। वहीं विशेषज्ञों ने उनके सवालों का जवाब भी दिए।
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