बिलासपुर के उपायुक्त कार्यलय के बाहर मजदूर संघों व किसान संगठनों को लेकर नारे बाजी करते एटक के सद
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बिलासपुर। श्रमिक विरोधी कानूनों के खिलाफ मजदूर संघों व किसान संगठनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत जिला के लक्ष्मी नारायण मंदिर से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली। जिसकी अध्यक्षता एटक के जिला अध्यक्ष राजकुमार ने की। इस मौके सैकड़ों मजदूरों ने हिस्सा लिया।
इस रैली में मिड-डे मील वर्कर यूनियन एटक, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन एटक, आशा वर्कर यूनियन एटक, पीडब्ल्यूडी एवं आईपीएच वर्कर यूनियन एटक, हिमाचल किसान सभा के सदस्यों ने भाग लिया। एटक के समर्थन में बिलासपुर की अर्धनारेश्वर समाज सेवा समिति के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। रैली के बाद मजदूरों ने श्रम उपायुक्त कार्यालय के प्रांगण में धरना दिया। धरने को एटक के जिला महासचिव कॉमरेड कर्मचंद राणा, एटक के जिला उपाध्यक्ष रामचंद कटवाल, मिड-डे मील वर्कर की नयना देवी ब्लॉक की अध्यक्ष गीता देवी, आशा वर्कर यूनियन की सदर ब्लॉक की अध्यक्ष सरिता शर्मा, महासचिव गायत्री, झंडूता विकास खंड समिति की चेयरमैन प्रोमिला वसु, सीटू के नेता कॉमरेड विजय शर्मा, ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के लेखराम वर्मा एवं अमर सिंह चौधरी, एक्स सर्विसमैन यूनियन के करनैल सिंह चंदेल, अर्धनारेश्वर समाज सेवा समिति की अध्यक्ष बिजली महंत, हिमाचल किसान सभा के कॉमरेड रामपाल ठाकुर एवं जीत सिंह चौधरी ने संबोधित किया। सभा का संचालन एटक के राज्य सचिव प्रवेश चंदेल ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि जहां पूरे देश में अर्थव्यवस्था कोरोना काल में नीचे जा रही है। वहीं पर प्रधानमंत्री के कुछ चहेते पूंजीपतियों अंबानी, अदानी की संपत्ति में अंधाधुंध वृद्धि हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियां किन लोगों के पक्ष में हैं। धरने के बाद उपायुक्त के माध्यम से किसान व मजदूर संघों की मांगों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। तमाम मजदूर संगठनों ने यह चेतावनी दी है कि यदि मांगों को नहीं माना गया तो संघर्ष और तेज करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।