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Bilaspur News: जिले के सात स्कूलों में शुरू होगा उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम

Sat, 15 Nov 2025 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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पीएम श्री स्कूल घुमारवीं में ईएमसी शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशाला में उपस्थित शिक्षक। स्रोत: ज
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उद्देश्य : समस्या समाधान, रचनात्मकता, उद्यमिता की सोच को बढ़ावा देना
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पीएम श्री स्कूल घुमारवीं में हुई ईएमसी शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशाला
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में 14 शिक्षकों ने लिया भाग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के सात स्कूलों में उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम (ईएमसी) शुरू होगा। इसमें विद्यार्थियों को उद्यमिता के संबंध में जानकारी दी जाएगी, ताकि उनके अंदर स्टार्टअप को लेकर एक सोच विकसित हो।
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यह एक ऐसा पाठ्यक्रम है जो छात्रों को उद्यमिता के लिए आवश्यक कौशल और मानसिकता विकसित करने में मदद करता हैं, ताकि वह भविष्य में अपने या किसी और के लिए मूल्य पैदा कर सकें। इसका उद्देश्य छात्रों में समस्या समाधान, रचनात्मकता और उद्यमिता की सोच को बढ़ावा देना है। यह पाठ्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला बिलासपुर, बाल पाठशाला घुमारवीं, कन्या पाठशाला घुमारवीं, जुखाला, झंडूता, बरठीं, पीएम श्री तलाई में शुरू होगा। इसी के तहत संबंधित स्कूलों के 14 शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया। समग्र शिक्षा, शिक्षा विभाग की ओर से उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम परियोजना के तहत क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन पीएम श्री विद्यालय घुमारवीं में किया गया। डाइट कोऑर्डिनेटर कुलदीप शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ईएमसी पाठ्यक्रम से अवगत कराया गया, जो कि यूनेस्को के फोर पिलर्स ऑफ एजुकेशन पर आधारित है। ट्रेनर ने शिक्षकों को हैंड्स ऑन लर्निंग, गेमिफाइड टीचिंग-लर्निंग मेथड्स, ईएमसी के डिजिटल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही आइडिएशन, समस्या समाधान, रचनात्मकता, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, फाइनेंशियल लिटरेसी और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की व्यावहारिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिक्षकों को कक्षा गतिविधियों, छात्र परियोजना, प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धतियों का प्रदर्शन भी कराया गया, ताकि वह विद्यालय स्तर पर ईएमसी को प्रभावी और आकर्षक तरीके से संचालित कर सकें। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शिक्षक ही वह केंद्रीय बदलाव कर्ता हैं जो विद्यार्थियों में नेतृत्व, रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यशाला से जिले में ईएमसी कक्षाओं के सफल क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सशक्त होगा। इस दौरान डाइट प्रधानाचार्य राकेश मनकोटिया ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि ईएमसी पाठ्यक्रम को स्कूल के बच्चों के साथ साझा करें। कार्यक्रम का संचालन जिला उपनिदेशक स्कूल शिक्षा गुणवत्ता एवं डीपीओ समग्र शिक्षा निशा गुप्ता के मार्गदर्शन और नेतृत्व में किया गया। यह कार्यशाला स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर समग्र शिक्षा राजेश शर्मा और स्टेट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सोनिया शर्मा के मार्गदर्शन में हुई।
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