बिलासपुर में आयोजित बैठक के बाद ग्रामीण डाक सेवक।
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स्वारघाट(बिलासपुर)। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी ग्रामीण डाक सेवक संघ एनएफपीई मंडल कार्यकारिणी हमीरपुर की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को बिलासपुर में आयोजित की गई जिसमें ग्रामीण डाक सेवकों की विभिन्न समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान सोहन सिंह ठाकुर ने की। बैठक में कार्यकारिणी के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान ग्रामीण डाक सेवकों से जुड़ी समस्याओं के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करके डाक विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजे गए। जिसमें बताया गया कि ग्रामीण डाक सेवकों पर उनके कार्य के अलावा आईपीपीबी और ग्रामीण डाक जीवन बीमा आदि कार्यों का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है जो कि न्यायसंगत नहीं है।
बता दें कि 4 से 5 घंटे तक ड्यूटी की जगह डाक सेवकों से 8 से 10 घंटे तक जबरन कार्य लिया जा रहा है। सोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, दर्पण मशीन की ट्रेनिंग बारे ग्रामीण डाक सेवकों को बार-बार बुलाया जाता है लेकिन इन्हें ट्रेनिंग के समय के आवाजाही का किराया तक नहीं दिया जाता है। इसे ग्रामीण डाक सेवकों को जो कि देश में सबसे निचले दर्जे का कमर्चारी है उसे अपना जेब खर्च करके अदा करना पड़ रहा है।
डाक विभाग की उपरोक्त व्यवस्था पर ग्रामीण डाक संघ की कार्यकारिणी ने रोष व्यक्त करते हुए नाराजगी प्रकट की और कहा कि डाक विभाग की ओर से अपने लगभग 90 फीसदी टारगेट ग्रामीण डाक सेवकों से पूरे करवा रहा है लेकिन उपरोक्त समस्याओं के अंतर्गत ग्रामीण डाक सेवक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।
बैठक में मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए डाक विभाग से मांग की है कि ग्रामीण डाक सेवकों के प्रति जो दबाव व शोषण की नीति अपनाई जा रही है उसे शीघ्र बंद किया जाए ताकि ग्रामीण डाक सेवकों का डाक से संबंधी कार्य प्रभावित ना हो। बैठक में संघ के मंडलीय सचिव बूटा राम सहित विक्रम ठाकुर, शशि पाल पाठक, युगराज, कमल, बलबीर सिंह, बलदेव शर्मा, राज कुमार शर्मा व मुख्य कानूनी सलाहकार भगत राम ठाकुर ने भाग लिया।